नयी दिल्ली, 12 जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएअी) ने ओसवाल ओवरसीज लिमिटेड के खिलाफ शुरू की गई दिवाला कार्यवाही को चुनौती देने वाली अपील को वापस लेने की अनुमति दे दी है। यह फैसला कंपनी और उसके वित्तीय ऋणदाता एलएच शुगर फैक्टरीज के बीच विवाद के सौहार्दपूर्ण समाधान के बाद आया है।
न्यायमूर्ति मोहम्मद फैज आलम खान और नरेश सलेचा की पीठ के समक्ष ओसवाल ओवरसीज और एलएच शुगर फैक्टरीज ने संयुक्त आवेदन दाखिल कर बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। समझौते की शर्तें भी न्यायाधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की गईं।
समझौते के तहत ओसवाल ओवरसीज ने एलएच शुगर फैक्टरीज को 2.80 करोड़ रुपये का डिमांड ड्राफ्ट सौंप दिया है। ऋणदाता की ओर से पेश वकील ने बताया कि जहां तक वित्तीय कर्ज का सवाल है उसका पूरा निपटान हो चुका है।
इससे पहले, आठ जून, 2026 को एनसीएलएटी ने ओसवाल ओवरसीज के अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) को दिवाला समाधान प्रक्रिया में आगे कोई कदम उठाने से रोक दिया था।
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने कहा कि दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा 12ए के तहत दिवाला प्रक्रिया वापस लेने के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के समक्ष आवेदन दाखिल करना आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि आईबीसी में हाल के संशोधनों के अनुसार इस आवेदन पर विचार से पहले मामले को ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) के समक्ष रखना जरूरी है जिसका गठन सभी दावों के सत्यापन और संकलन के बाद ही संभव है।
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