लंदन, 12 जुलाई (भाषा) भारतीय तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच में पांच विकेट लेने के बाद ‘लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड’ (सम्मान पट्टिका) पर नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला बनना उनके और उनके परिवार के लिए बेहद गर्व की बात है।
क्रांति ने 37 रन देकर पांच विकेट लिए जिससे भारत ने इंग्लैंड को 170 रन पर आउट कर दिया और इस तरह से पहली पारी में 115 रन की बढ़त हासिल की। भारत ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में एक विकेट पर 154 रन बनाए हैं और उसकी कुल बढ़त 269 रन की हो गई है।
क्रांति ने दूसरे दिन का खेल समाप्त होने के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘ यह मेरे लिए पूरी तरह से अलग अहसास है। लॉर्ड्स ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला बनने पर मुझे बहुत गर्व है। यह मेरे परिवार के लिए भी गर्व की बात है।’’
इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ एक वनडे मैच में 52 रन देकर छह विकेट लिए थे।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रत्येक गेंदबाज का सपना होता है कि वह पांच विकेट हासिल करे। हम पहली बार लॉर्ड्स में खेल रहे हैं, इसलिए मैं सोच रही थी कि अगर मैं अगर मैं पांच विकेट लेने में सफल रही तो सम्मान पट्टिका पर अपना नाम दर्ज करा सकती हूं और इससे टीम की जीत में भी मदद कर सकती हूं।’’
क्रांति ने लॉरेन बेल को आउट ने करके अपना पांचवा विकेट लिया जिनका शेफाली वर्मा ने शानदार कैच लिया था।
क्रांति ने कहा, ‘‘जो भी होता है अच्छे के लिए होता है। आज मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं पांच विकेट ले लूंगी। स्नेह राणा (पहली स्लिप पर) ने कैच लेने के लिए वास्तव में अच्छा प्रयास किया था। जब वह उसे नहीं पकड़ पाई तो शेफाली ने उसे लपक लिया। मैं अपने पांच विकेट पूरे होने का जश्न मनाने वाली थी, लेकिन मेरे साथियों ने मुझे रिप्ले और फैसले का इंतजार करने को कहा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह अहसास बेहद खास है। मैंने इससे पहले भी (वनडे में) पांच विकेट लिए हैं, लेकिन टेस्ट मैच में मैंने पहली बार ऐसा किया। मुझे लगता है कि मैं इससे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकती हूं। इंग्लैंड की पिचें तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल हैं और इससे मदद मिली।’’
भाषा
पंत मोना
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