एनसीएलएटी ने अदाणी पावर के विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर के अधिग्रहण को बरकरार रखा

एनसीएलएटी ने अदाणी पावर के विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर के अधिग्रहण को बरकरार रखा

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  • Publish Date - January 19, 2026 / 09:47 PM IST,
    Updated On - January 19, 2026 / 09:47 PM IST

नयी दिल्ली, 19 जनवरी (भाषा) दिवाला अपीलीय न्यायाधिकरण एनसीएलएटी ने अदाणी पावर लिमिटेड (एपीएल) द्वारा विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर के अधिग्रहण को बरकरार रखा है।

राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने एनसीएलटी की मुंबई पीठ के उस आदेश की पुष्टि की है, जिसने अदाणी समूह की कंपनी की 4,000 करोड़ रुपये की समाधान योजना को मंजूरी दी थी।

एनसीएलएटी की दो सदस्यीय पीठ ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स और कर्ज में डूबी विदर्भ इंडस्ट्रीज पावर के एक कर्मचारी प्रदीप सोत की याचिकाओं को भी खारिज कर दिया।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की आपत्तियों में कोई ठोस आधार नहीं था और उनसे दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) के प्रावधानों के उल्लंघन का पता नहीं चलता।

अदालत ने कहा कि अदाणी पावर की समाधान योजना लागू वैधानिक आवश्यकताओं के अनुरूप थी और लेनदारों की समिति (सीओसी) ने निष्पक्ष और कानूनी तरीके से फैसला किया।

एनसीएलएटी ने कहा, ”हमारी राय है कि प्रतिवादी संख्या दो (अदाणी पावर) की समाधान योजना को मंजूरी देने वाले आदेश में हस्तक्षेप करने का कोई आधार नहीं बनता है।”

वेस्टर्न कोलफील्ड्स की ओर से पेश वकील ने आरोप लगाया था कि अदाणी पावर की समाधान योजना की मंजूरी आईबीसी के प्रावधानों के अनुसार नहीं है। यह तर्क दिया गया कि सीओसी ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) से किसी भी विस्तार की मांग किए बिना 180 दिन पूरे होने के बाद समाधान योजना को मंजूरी दी है।

अदाणी पावर का प्रतिनिधित्व कर रहे के वकील ने इन आरोपों का खंडन किया। उन्होंने कहा कि समाधान योजना को आईबीसी की धारा 30(2) के तहत सीओसी और एनसीएलटी ने मंजूरी दी थी।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण