न्याका स्टील के गारंटर के खिलाफ दिवाला कार्यवाही को एनसीएलएटी ने बरकरार रखा

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न्याका स्टील के गारंटर के खिलाफ दिवाला कार्यवाही को एनसीएलएटी ने बरकरार रखा

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  • Publish Date - August 15, 2026 / 01:47 PM IST,
    Updated On - August 15, 2026 / 01:47 PM IST

नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने मुंबई की न्याका स्टील के व्यक्तिगत गारंटर के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने के राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश को बरकरार रखा है।

अपीलीय न्यायाधिकरण की दो सदस्यीय पीठ ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी), मुंबई के तीन फरवरी, 2026 के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें आसिफ अहमद सिद्दीकी के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने की यूको बैंक की याचिका स्वीकार की गई थी।

दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी), 2016 की धारा 95 ऋणदाताओं को देनदारों के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने की अनुमति देती है, जिसमें व्यक्तिगत गारंटर और साझेदारी फर्म शामिल हैं।

न्याका स्टील के खिलाफ एनसीएलटी में पहले से ही कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (सीआईआरपी) चल रही है।

याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि उसकी गारंटी केवल 2013 और 2017 में मंजूर किए गए ऋणों तक सीमित थी।

उसने यह भी दलील दी कि गारंटी विलेख के तहत उसकी संविदात्मक देनदारी 40 करोड़ रुपये तक सीमित थी और गारंटर की देनदारी अनुबंध की शर्तों से आगे नहीं बढ़ाई जा सकती।

बैंक ने सितंबर 2023 और नवंबर 2024 में मांग नोटिस जारी किए थे, जिनमें क्रमश: 51.76 करोड़ रुपये और 96.23 करोड़ रुपये की राशि का दावा किया गया था।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय