नयी दिल्ली, तीन जुलाई (भाषा) रोजमर्रा के उपभोग का सामान बनाने वाली (एफएमसीजी) प्रमुख कंपनी नेस्ले इंडिया की भविष्य की कारोबार वृद्धि के लिए रणनीति का प्रमुख आधार ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र के बाजार होंगे, जहां बढ़ती आकांक्षाएं और बदलती उपभोक्ता आदतें दीर्घकालिक खपत वृद्धि को गति देंगी। कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंधन निदेशक (सीएमडी) मनीष तिवारी ने यह बात कही।
तिवारी ने नेस्ले इंडिया की 67वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत अवसरों से भरा बाजार है, जहां खपत में बढ़ोतरी का प्रमुख आधार अधिक से अधिक घरों तक पहुंच, व्यापक वितरण और विभिन्न क्षेत्रों के ग्राहकों के साथ मजबूत जुड़ाव होगा।
हालांकि, उन्होंने भारत के विविध बाजारों को समझने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया और कहा कि कंपनी अलग-अलग तरह के ग्राहकों की ज़रूरतों के हिसाब से अपनी पेशकश तैयार करने पर ध्यान दे रही है।
तिवारी ने कहा, ‘‘भारत एक बाजार नहीं, बल्कि आय, भौगोलिक स्थिति, भाषा, आकांक्षाओं, आदतों और स्वाद के आधार पर कई अलग-अलग बाजारों का समूह है। हमारा लक्ष्य सिर्फ उन उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है जो पहले से हमारे ब्रांड को जानते हैं, बल्कि नए घरों तक भी पहुंच बनाना है।’’
उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 भारतीय उपभोग अर्थव्यवस्था के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। खाद्य महंगाई ने उपभोक्ताओं के खरीदारी के तरीके को प्रभावित किया, जिसके चलते परिवारों ने पैक साइज, खरीदारी के तरीके और उत्पादों की पसंद में बदलाव किया।
तिवारी ने कहा कि ग्रामीण मांग में सुधार जरूर हुआ, लेकिन यह मानसून और कृषि आय पर निर्भर रही, जबकि शहरी मांग मजबूत रही। हालांकि, विभिन्न आय वर्गों में इसका असर अलग-अलग देखने को मिला।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पहली बार सबसे अधिक भारतीय परिवारों ने नेस्ले के उत्पाद खरीदे। कंपनी ने 23,071.5 करोड़ रुपये की अब तक की सबसे अधिक घरेलू बिक्री दर्ज की, जिसे दोहरे अंकों की मात्रा वृद्धि और बाजार हिस्सेदारी में बढ़ोतरी का समर्थन मिला।
भाषा यासिर अजय
अजय