Atithi Shikshak Bharti 2026: खतरे में अतिथि शिक्षकों की नौकरी? री-ज्वाइनिंग के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद मचा हडकंप

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Atithi Shikshak Bharti 2026: खतरे में अतिथि शिक्षकों की नौकरी? री-ज्वाइनिंग के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद मचा हडकंप

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 04:35 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 04:36 PM IST

Atithi Shikshak Bharti 2026: खतरे में अतिथि शिक्षकों की नौकरी? री-ज्वाइनिंग के लिए लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के बाद मचा हडकंप / Image: AI Generated

HIGHLIGHTS
  • अतिथि शिक्षकों की री-ज्वाइनिंग के लिए नया नियम
  • अतिथि शिक्षक संघ ने आदेश का विरोध किया
  • नए नियम का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए

भोपाल: Atithi Shikshak Bharti 2026 मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों की री-ज्वाइनिंग को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय के नए आदेश ने विवाद खड़ा कर दिया है। लोक शिक्षण संचालनालय की ओर से जारी आदेश ने अतिथि शिक्षकों के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। वहीं, अतिथि शिक्षकों ने कड़ा विरोध करते हुए शिक्षा विभाग ने शिक्षक संघ ने इस आदेश को वापस लेने की मांग की है।

अतिथि शिक्षकों के लिए नया आदेश

Atithi Shikshak Bharti 2026 दरअसल लोक शिक्षण संचालनालय ने अतिथि शिक्षकों की री-ज्वाइनिंग को लेकर नया आदेश जारी किया है। इसके तहत अब री-ज्वाइनिंग के लिए पिछले सत्र में 90% या उससे अधिक ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी गई है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, संकुल प्राचार्यों और शाला प्रभारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के इस आदेश का अतिथि शिक्षकों ने कड़ा विरोध किया है।

शिक्षक संघ ने किया विरोध

शिक्षकों का कहना है कि अतिथि शिक्षकों को परेशान करने के लिए यह आदेश निकाला गया है। शादी या गमी छोड़कर क्या स्कूल जाएगा अतिथि शिक्षक? अतिथि शिक्षक संघ ने आरोप लगाया कि अतिथि शिक्षकों को बाहर करने के लिए नए-नए रास्ते ढूंढे जा रहे हैं। पहले भी लगातार सात दिन तक अनुपस्थित रहने पर अतिथि शिक्षकों को बाहर करने के आदेश दिए गए थे,संघ ने शिक्षा विभाग से इस आदेश को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

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MP Guest Teacher News में नया आदेश क्या है?

लोक शिक्षण संचालनालय ने री-ज्वाइनिंग के लिए पिछले सत्र में 90% या उससे अधिक ई-अटेंडेंस अनिवार्य कर दी है।

क्या सभी अतिथि शिक्षकों पर यह नियम लागू होगा?

यह आदेश री-ज्वाइनिंग प्रक्रिया में शामिल अतिथि शिक्षकों पर लागू किया गया है।

अतिथि शिक्षक संघ ने इस आदेश का विरोध क्यों किया?

संघ का कहना है कि यह नियम अतिथि शिक्षकों को सेवा से बाहर करने का नया तरीका है और इससे कई पात्र शिक्षक प्रभावित होंगे।

शिक्षा विभाग ने किन अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं?

जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), संकुल प्राचार्यों और शाला प्रभारियों को आदेश का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

MP Guest Teacher News में आगे क्या हो सकता है?

यदि विरोध जारी रहता है तो शिक्षा विभाग आदेश में संशोधन या स्पष्टीकरण जारी कर सकता है। फिलहाल आदेश प्रभावी है।