मुंबई, 13 अप्रैल (भाषा) गैर-वित्तीय निजी कंपनियों की शुद्ध बिक्री में वृद्धि की दर वित्त वर्ष 2024-25 में घटकर 11.4 प्रतिशत रह गई, जो उसके एक साल पहले 11.7 प्रतिशत थी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
आरबीआई ने गैर-सरकारी एवं गैर-वित्तीय क्षेत्र की 15,919 सूचीबद्ध कंपनियों के अंकेक्षित वित्तीय खातों के आधार पर यह आंकड़ा जारी किया है।
आंकड़ों के मुताबिक, सेवा क्षेत्र में 2024-25 के दौरान निजी कंपनियों की शुद्ध बिक्री में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिसमें थोक एवं खुदरा व्यापार, रियल एस्टेट और परिवहन एवं भंडारण उप-क्षेत्रों का प्रमुख योगदान रहा।
वहीं, विनिर्माण क्षेत्र की बिक्री वृद्धि मामूली रूप से घटकर 9.2 प्रतिशत रह गई, जो 2023-24 में 9.4 प्रतिशत थी।
मार्च, 2025 के अंत तक इन कंपनियों की कुल चुकता पूंजी 8.44 लाख करोड़ रुपये रही, जो गैर-सरकारी गैर-वित्तीय कंपनियों की कुल पूंजी का 40.3 प्रतिशत है।
आरबीआई ने कहा कि 2024-25 में परिचालन व्यय में वृद्धि दर एक साल पहले के मुकाबले अधिक रही, जिसका मुख्य कारण विनिर्माण खर्च और कर्मचारियों को दिए जाने वाले पारिश्रमिक में बढ़ोतरी है।
सेवा क्षेत्र में कर्मचारियों का वेतन बढ़ा, जबकि विनिर्माण क्षेत्र में इसमें कुछ कमी देखी गई।
इसके बावजूद, कंपनियों के परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ में दहाई अंक वाली वृद्धि जारी रही।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
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