नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) यात्रियों के लिए हवाई अड्डों पर प्रवेश प्रक्रिया को तेज और सुगम बनाने वाली डिजीयात्रा सुविधा अगले साल तक 27 और हवाई अड्डों पर उपलब्ध करा दी जाएगी। नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी।
चेहरे की पहचान तकनीक (एफआरटी) आधारित डिजीयात्रा के जरिये यात्रियों को हवाई अड्डों पर संपर्करहित और निर्बाध आवाजाही की सुविधा मिलती है। यह सुविधा फिलहाल 38 हवाई अड्डों पर उपलब्ध है।
चेहरे की पहचान तकनीक एक बायोमेट्रिक एआई प्रणाली है जो चेहरे की विशेषताओं का विश्लेषण कर किसी व्यक्ति की पहचान या सत्यापन करती है।
मंत्रालय ने बयान में कहा कि डिजीयात्रा ऐप के जरिये अब तक 10 करोड़ से अधिक निर्बाध यात्राएं संभव हुई हैं और इसे 2.4 करोड़ से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।
बयान के अनुसार, ‘‘हाथ से होने वाले दस्तावेज सत्यापन की जगह लेने से इस मंच ने हवाई अड्डों पर प्रवेश प्रक्रिया का औसत समय प्रति यात्री 15 सेकंड से घटाकर केवल पांच सेकंड कर दिया है।’’
नागर विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि भारतीय हवाई अड्डों पर वार्षिक यात्री यातायात 2030 तक 50 करोड़ और 2040 तक लगभग दोगुना होकर 100 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है।
उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल डिजीयात्रा 38 हवाई अड्डों पर सक्रिय है और अगले साल तक 27 और हवाई अड्डों को इससे जोड़ा जाएगा।’’
भाषा योगेश रमण
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