Vande Bharat: बंगाल में चुनावी जंग, दीदी ने लिए 10 संकल्प!… ममता के मेनिफेस्टो में ‘जीत’ का मंत्र, क्या TMC का किला भेद पाएगी भाजपा

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TMC Manifesto For Assembly Election 2026: तृणमूल कांग्रेस ने आज दीदी के 10 संकल्प नाम से अपना घोषणापत्र जारी कर दिया।

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  • Publish Date - March 21, 2026 / 12:09 AM IST,
    Updated On - March 21, 2026 / 12:12 AM IST

TMC Manifesto For Assembly Election 2026/Image Credit: IBC24.in

HIGHLIGHTS
  • पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा हो गई है।
  • तृणमूल कांग्रेस ने आज दीदी के 10 संकल्प नाम से अपना घोषणापत्र जारी कर दिया।
  • घोषणा पत्र में दीदी ने महिलाओं और युवाओं को साधने की कोशिश की है।

TMC Manifesto For Assembly Election 2026: नई दिल्ली: बंगाल चुनाव के लिए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने आज दीदी के 10 संकल्प नाम से अपना घोषणापत्र जारी कर दिया। वैसे तो दीदी के घोषणापत्र में विकास और जनकल्याण दोनों का संतुलन दिखता है, लेकिन चुनावी मंझधार से निकालने का सहारा कोई है तो वो हैं बंगाल की महिलाएं, जिन्हें हर महीने पैसे बढ़ाकर देने का वादा किया है।यानि सत्ता की गारंटी अगर कोई है तो वो महिला वर्ग ही है।

ममता बनर्जी का सबसे बड़ा दांव चला है ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना पर! दीदी ने वादा किया है कि, अगर बंगाल में फिर से उनकी सरकार बनती है।

तो महिलाओं की जेब में अब पहले से ज्यादा पैसे आएंगे। ममता ने सीधे तौर पर सहायता राशि में 500-500 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। (TMC Manifesto For Assembly Election 2026) यानी अब जनरल कैटेगरी की महिलाओं को हर महीने 1000 की जगह 1500 रुपये मिलेंगे। वहीं, SC और ST वर्ग की महिलाओं को मिलने वाली 1200 की राशि को बढ़ाकर 1700 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।

TMC Manifesto For Assembly Election 2026:  सिर्फ महिलाएं ही नहीं, ममता की नजर बंगाल के नौजवानों पर भी है। बेरोजगार युवाओं के लिए दीदी ने 1500 रुपये प्रति माह बेरोजगारी भत्ते का मास्टरस्ट्रोक चला है। साथ ही, ‘हर परिवार को पक्का घर’ और ‘हर घर नल से जल’ के वादे के साथ टीएमसी ने बुनियादी मुद्दों को भी छूने की कोशिश की है।

साफ है कि, ममता बनर्जी ने एक बार फिर ‘कल्याणकारी राजनीति’ के जरिए बंगाल की सत्ता की (TMC Manifesto For Assembly Election 2026)  चाबी अपने पास रखने का पूरा इंतजाम कर लिया है। अब देखना होगा कि जनता ‘दीदी’ के इन वादों पर कितनी मुहर लगाती है।

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