नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को हैदराबाद के उद्योगपति निम्मगड्डा प्रसाद और चार कंपनियों को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की एक अदालत के करीब 950 करोड़ रुपये के आदेश से जुड़े मामले में दो सप्ताह के भीतर 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सुरक्षा राशि जमा करने का निर्देश दिया।
यह निर्देश यूएई की अदालत द्वारा ‘रास अल खैमाह इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी’ (आरएकेआईए) के पक्ष में दिए गए आदेश को भारत में लागू कराने से जुड़े मामले में दिया गया है।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि प्रसाद के परिवार के नियंत्रण वाली कंपनियां इस राशि की वसूली के लिए एक ही समूह का हिस्सा हैं या नहीं, इसका फैसला हैदराबाद और रंगा रेड्डी की वाणिज्यिक अदालतें करेंगी।
शीर्ष अदालत ने वाणिज्यिक अदालतों को मामले में लंबित सभी अर्जियों का निपटारा चार महीने के भीतर करने का निर्देश भी दिया।
उच्चतम न्यायालय ने कहा कि 23 जुलाई, 2026 तक ब्याज समेत यूएई अदालत के आदेश के तहत देय राशि 949.96 करोड़ रुपये थी।
पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादियों को पहले से जमा रकम/संपत्तियों के अलावा दो सप्ताह के भीतर इस अदालत की रजिस्ट्री में 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सुरक्षा राशि जमा करने का निर्देश दिया जाता है।’’
यह मामला वर्ष 2008 में आंध्र प्रदेश में बंदरगाह, औद्योगिक गलियारा और हवाई अड्डा विकसित करने के लिए शुरू की गई वैनपिक परियोजना से जुड़ा है। आरएकेआईए ने प्रसाद पर परियोजना के लिए दी गई धनराशि के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया था।
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