मुंबई, एक सितंबर (भाषा) कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने से मंगलवार को निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई और घरेलू शेयर बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
विश्लेषकों के मुताबिक, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को लंबे समय तक सख्त बनाए रखने की आशंका बढ़ने से भी दुनिया के उभरते बाजारों में जोखिम लेने की धारणा प्रभावित हो रही है।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 12.99 अंक यानी 0.02 प्रतिशत गिरकर 76,944.28 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 301.15 अंक गिरकर 76,656.12 अंक तक आ गया था।
अपराह्न 3.12 बजे सेंसेक्स 271.79 अंक गिरकर 76,685.48 अंक पर कारोबार कर रहा था, लेकिन समापन नीलामी सत्र (सीएएस) के दौरान इसने अधिकांश नुकसान की भरपाई कर ली।
इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी 24.60 अंक गिरकर 24,055.80 अंक पर बंद हुआ। साप्ताहिक वायदा अनुबंधों की समाप्ति के दिन निफ्टी एक समय करीब 100 अंक गिरकर 23,980.55 अंक तक आ गया था।
सेंसेक्स की कंपनियों में से मारुति, भारतीय स्टेट बैंक, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा और एक्सिस बैंक में प्रमुख रूप से गिरावट दर्ज की गई।
दूसरी तरफ, आईटीसी, एचसीएल टेक, इन्फोसिस और भारती एयरटेल बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे।
इस बीच, पश्चिम एशिया में नए सिरे से तनाव बढ़ने के चलते वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.03 प्रतिशत बढ़कर 92.33 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘बाजार भारत की मजबूत वृद्धि की रफ्तार और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच संतुलन बना रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और फेडरल रिजर्व के अपेक्षाकृत सख्त रुख से महंगाई तथा लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की आशंका बढ़ी है।’’
भारतीय अर्थव्यवस्था पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव के बावजूद चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी है।
शोध विश्लेषक फर्म एचएसटी वेल्थ के संस्थापक हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘निवेशक धारणा प्रभावित होने से भारतीय शेयर बाजार कमजोरी के साथ बंद हुए। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल बढ़ने से घरेलू बाजार में बैंकों, रियल्टी, वाहन, स्वास्थ्य देखभाल और टिकाऊ उपभोक्ता खंड के शेयरों में बिकवाली का रुख देखा गया।’’
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सूचकांक 0.60 प्रतिशत के नुकसान में रहा जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप 0.40 प्रतिशत नीचे आया।
क्षेत्रवार सूचकांकों में वाहन खंड में सर्वाधिक 1.41 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि टिकाऊ उपभोक्ता खंड में 1.25 प्रतिशत, दूरसंचार खंड में 1.06 प्रतिशत, पूंजीगत उत्पाद खंड में 0.95 प्रतिशत और पीएसयू बैंक खंड में 0.86 प्रतिशत की गिरावट रही।
वहीं, आईटी खंड में 1.24 प्रतिशत, फोकस आईटी खंड में 1.16 प्रतिशत और ऊर्जा खंड में 0.94 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त में रहा, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
यूरोपीय बाजार दोपहर के समय गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को नुकसान में बंद हुए थे।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 7,985.88 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।
सोमवार को सेंसेक्स 307.24 अंक गिरकर 76,957.27 अंक और निफ्टी 95.25 अंक घटकर 24,080.40 अंक पर बंद हुआ था।
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प्रेम अजय
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