पेट्रोल, डीजल निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ा, विमान ईंधन पर शुल्क घटा

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पेट्रोल, डीजल निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ा, विमान ईंधन पर शुल्क घटा

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 06:54 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 06:54 PM IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को पेट्रोल और डीजल के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर बढ़ा दिया। वहीं विमान ईंधन पर शुल्क में मामूली कटौती की गई। संशोधित दरें एक सितंबर से अगले पखवाड़े के लिए प्रभावी होंगी।

वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, डीजल के निर्यात पर सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर के साथ विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) बढ़ाकर 25 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पहले 24 रुपये प्रति लीटर था।

वहीं, विमान ईंधन (एटीएफ) के निर्यात पर एसएईडी को घटाकर 19 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जबकि पहले यह 19.50 रुपये प्रति लीटर था।

पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क भी 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पहले शून्य था।

अप्रत्याशित लाभ कर सरकार की तरफ से लगाया गया शुल्क है। यह उन विशिष्ट कंपनियों या उद्योगों पर लगाया जाता है जो अपनी व्यावसायिक रणनीतियों के बजाय अप्रत्याशित बाहरी घटनाओं के कारण अचानक भारी मुनाफा कमाते हैं।

वित्त मंत्रालय ने अधिसूचना में कहा कि शुल्क में वृद्धि एक सितंबर से प्रभावी होगी।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने 27 मार्च को डीजल और एटीएफ के निर्यात पर शुल्क लगाया था। इसकी दरों की हर पखवाड़े समीक्षा की जा रही है। इसके बाद 16 मई से पेट्रोल के निर्यात पर भी यह शुल्क लगाया गया।

मंत्रालय ने यह साफ किया है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पर लागू मौजूदा शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच घरेलू बाजार में ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि से पैदा हुए मूल्य अंतर को लेकर निर्यातकों को अनुचित लाभ उठाने से रोकने के लिए यह अप्रत्याशित लाभ कर लगाया है।

भाषा रमण अजय

अजय