पीएमडीडीकेवाई योजना के पहले साल में कम प्रदर्शन करने वाले कृषि जिलों में हुई प्रगति : सरकार

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पीएमडीडीकेवाई योजना के पहले साल में कम प्रदर्शन करने वाले कृषि जिलों में हुई प्रगति : सरकार

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  • Publish Date - September 1, 2026 / 06:48 PM IST,
    Updated On - September 1, 2026 / 06:48 PM IST

नयी दिल्ली, एक सितंबर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’ (पीएम-डीडीकेवाई) लागू होने के बाद से कम प्रदर्शन करने वाले 100 कृषि-जिलों में फसल की पैदावार और ऋण मिलने जैसी कई बातों में सुधार के संकेत दिख रहे हैं।

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जुलाई, 2025 में मंजूरी दी थी और इसे आधिकारिक तौर पर अक्टूबर, 2025 में शुरू किया गया था। इसे 11 मंत्रालयों की 36 केंद्रीय योजनाओं, राज्य की योजनाओं और निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ मिलकर लागू किया जा रहा है।

पीएम-डीडीकेवाई डैशबोर्ड के जरिये हर महीने उत्पादन से जुड़े पैमाने पर जिलों के प्रदर्शन की रैंकिंग की जा रही है और नतीजों से जुड़े पैमाने शुरुआती स्तर के मुकाबले प्रगति का आकलन करने में मदद करते हैं।

मंगलवार को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीएम-डीडीकेवाई की प्रगति की समीक्षा की। इस योजना का मकसद कम पैदावार, फसल सघनता और कृषि ऋण के आधार पर पहचाने गए 100 जिलों में कृषि विकास को तेज करना है।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि कृषि उत्पादकता का औसत स्कोर अप्रैल में 2.53 से बढ़कर जुलाई में 6.70 हो गया; फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि तरीकों का स्कोर 5.60 से बढ़कर 8.65 हो गया और फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता का स्कोर 2.61 से बढ़कर 3.82 हो गया। सिंचाई बुनियादी ढांचा 1.65 से 4.20, खेती के लिए ऋण की सुविधा 2.81 से 5.59 और संचालन और सेवा आपूर्ति का स्कोर 7.94 से 10.33 तक हो गया।

पीएम-डीडीकेवाई को लागू करने में क्षमता विकास एक अहम हिस्सा है।

मंत्रालय ने निगरानी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि सिर्फ गतिविधियों और खर्च पर नजर रखने के बजाय नतीजों और किसानों तक पहुंचने वाले असल फायदों को मापा जा सके।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय