औद्योगिक गलियारों, पार्कों के क्रियान्वयन ढांचे की समीक्षा शुरू, सुधारों पर मंथन करेगा नीति आयोग

औद्योगिक गलियारों, पार्कों के क्रियान्वयन ढांचे की समीक्षा शुरू, सुधारों पर मंथन करेगा नीति आयोग

औद्योगिक गलियारों, पार्कों के क्रियान्वयन ढांचे की समीक्षा शुरू, सुधारों पर मंथन करेगा नीति आयोग
Modified Date: July 19, 2026 / 02:17 pm IST
Published Date: July 19, 2026 2:17 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) सरकार ने औद्योगिक गलियारों, औद्योगिक पार्कों और एकीकृत विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े संस्थागत एवं क्रियान्वयन ढांचे की समीक्षा शुरू की है। इसका उद्देश्य अड़चनों की पहचान कर सुधारों की सिफारिश करना है, ताकि परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सके और निवेशकों के अनुभव को बेहतर बनाया जा सके।

मामले से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस पहल के तहत नीति आयोग इस सप्ताह विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करेगा। इसमें भारत की औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने और 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को समर्थन देने के लिए नीतिगत, नियामकीय, संस्थागत और क्रियान्वयन से जुड़े बदलावों पर सुझाव लिए जाएंगे।

यह समीक्षा नीति आयोग के सदस्य राजीव गौबा की अध्यक्षता वाली विकसित भारत लक्ष्यों के क्रियान्वयन संबंधी उच्च स्तरीय समिति (एचएलसी-वीबी) के मार्गदर्शन में की जा रही है। इस समिति का गठन सरकार ने प्रमुख विकास कार्यक्रमों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की निगरानी तथा उनके क्रियान्वयन में तेजी लाने के उपाय सुझाने के लिए किया है।

विचार-विमर्श में पांच प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इनमें परियोजना योजना और भूमि विकास, नियामकीय एवं संस्थागत सुधार, परियोजना क्रियान्वयन और वितरण, संपर्क सुविधा एवं लॉजिस्टिक तथा निवेशकों के अनुभव और भविष्य की तैयारियों में सुधार शामिल हैं।

हितधारकों से परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं, उनके मूल कारणों और व्यावहारिक सुधारों की पहचान करने को कहा गया है। साथ ही उनसे यह बताने को कहा गया है कि प्रस्तावित बदलावों के लिए प्रशासनिक कार्रवाई, नीतिगत या नियामकीय परिवर्तन, कानूनी संशोधन अथवा डिजिटल हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी या नहीं।

सूत्रों के अनुसार, हितधारक परियोजना में देरी और उसके समाधान के लिए मास्टर प्लान तैयार करने, मंजूरियां हासिल करने, भूमि आवंटन, अनुबंध प्रक्रिया और अंतिम छोर तक लॉजिस्टिक संपर्क जैसी व्यवस्थाओं में सुधार के सुझाव देंगे।

भाषा

योगेश अजय

योगेश


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