मुंबई, पांच अगस्त (भाषा) एचडीएफसी बैंक के गैर-कार्यकारी चेयरमैन राजीव कुमार ने बुधवार को कहा कि देश में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता में कोई ‘नैतिकता या मूल्यों’ से जुड़ी चुनौतियां नहीं हैं। उन्होंने उच्चतम स्तर के कॉरपोरेट प्रशासन मानकों के साथ शेयरधारकों का भरोसा बनाए रखने का संकल्प भी जताया।
बैंक के चेयरमैन पद से अतनु चक्रवर्ती के अचानक हटने के बाद उथल-पुथल भरे समय में यह जिम्मेदारी संभालने वाले पूर्व नौकरशाह कुमार ने स्वीकार किया कि स्थिति को लेकर काफी भ्रम है। उन्होंने उन आशंकाओं को दूर करने का प्रयास किया, जिन्हें उन्होंने क्षितिज पर मंडराते संदेह करार दिया।
उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये आयोजित बैंक की 32वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) की अध्यक्षता करते हुए शेयरधारकों से कहा, ”प्रणाली के स्तर पर ऐसी कोई बात नहीं है जो नैतिक या मूल्य मापदंडों पर चुनौती पेश करती हो। सब कुछ ठीक है, बैलेंस शीट एकदम साफ-सुथरी है।”
चक्रवर्ती ने इस साल मार्च में नैतिकता और मूल्यों पर चिंताओं का हवाला देते हुए इस्तीफा दे दिया था, जिससे सभी हितधारकों के मन में सवाल खड़े हो गए थे।
केकी मिस्त्री के अंतरिम कार्यकाल के बाद, मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य कर चुके राजीव कुमार को बैंक का गैर-कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
बैंक के बोर्ड ने एमएसआरडीसी से उच्च-मूल्य वाले जमा लेने के लिए अपनाई जाने वाली कुछ गलत प्रथाओं को पाया था और प्रबंध निदेशक तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी (एमडी और सीईओ) शशीधरन जगदीशन के नेतृत्व वाले प्रबंधन पर जुर्माना लगाया था। हालांकि उन्हें किसी भी दुर्भावनापूर्ण मंशा से बरी कर दिया गया था।
कुमार ने अगली कुछ तिमाहियों में कम लागत वाले चालू और बचत खाता जमा के हिस्से को बढ़ाने और शुद्ध ब्याज मार्जिन में सुधार करने का वादा किया।
भाषा पाण्डेय प्रेम
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