खेल क्षेत्र में बौद्धिक संपदा आवेदन के लिए तीन साल तक नहीं लगेगा कोई शुल्क

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खेल क्षेत्र में बौद्धिक संपदा आवेदन के लिए तीन साल तक नहीं लगेगा कोई शुल्क

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 08:41 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 08:41 PM IST

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को खेल क्षेत्र से संबंधित पेटेंट, ट्रेडमार्क और डिजाइन जैसे बौद्धिक संपदा अधिकारों (आईपीआर) के आवेदन शुल्क को तीन साल के लिए समाप्त करने की घोषणा की।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में महानियंत्रक पेटेंट, डिजाइन और ट्रेड मार्क्स कार्यालय द्वारा एक अधिसूचना जारी की जाएगी।

विश्व बौद्धिक संपदा दिवस 2026 के अवसर पर उन्होंने कहा, ”आज से खेल को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान के तहत किसी भी आईपी के लिए – चाहे वह ट्रेडमार्क, कॉपीराइट, पेटेंट, डिजाइन, पारंपरिक ज्ञान या जीआई उत्पाद हो – तीन साल तक शुल्क शून्य रहेगा।”

इस कार्यक्रम का आयोजन उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) और उद्योग मंडल फिक्की द्वारा किया गया था।

इस समय आईपीआर आवेदन शुल्क प्रकार और आवेदक इकाई (व्यक्तिगत, स्टार्टअप, छोटी फर्म या बड़ी कंपनी) के आधार पर भिन्न होता है। सरकार स्टार्टअप और व्यक्तियों के लिए उल्लेखनीय छूट देती है। यह शुल्क 500 रुपये से 60,000 रुपये के बीच होता है। गौरतलब है कि कश्मीर के विलो बैट के पास पहले से ही भौगोलिक संकेत (जीआई) प्रमाणन है।

मंत्री ने यह भी कहा कि डीपीआईआईटी की एक योजना है, जिसके तहत विभाग आवेदन भरने के लिए सहायता देता है। गोयल ने कहा कि मंत्रालय तीन साल बाद इस शुल्क माफी की समीक्षा करेगा।

उन्होंने सुझाव दिया कि खेल लीगों को अपने ट्रेडमार्क पंजीकृत कराने चाहिए। उन्होंने कहा, ”इससे उन्हें बेहतर मीडिया अधिकार पाने में मदद मिलेगी। यह आपके उत्पादों की फ्रेंचाइजी देने में भी मदद करेगा। यदि आपके मूल उत्पाद के पास आईपी है, तो आप इसे दूसरों को फ्रेंचाइजी दे सकते हैं और इसका मूल्य पा सकते हैं।”

भाषा पाण्डेय रमण

रमण