ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने सीरम इंस्टीट्यूट के साथ मलेरिया के टीके को लेकर समझौता किया

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ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने सीरम इंस्टीट्यूट के साथ मलेरिया के टीके को लेकर समझौता किया

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 09:39 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 09:39 PM IST

(अदिति खन्ना)

लंदन, 28 अप्रैल (भाषा) ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एसआईआई) ने मलेरिया के खिलाफ वैश्विक मुहिम में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नए बहु-चरणीय टीके के विकास के लिए समझौता किया है।

ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी इनोवेशन (ओयूआई) और दुनिया के सबसे बड़े टीका निर्माता ने इस सप्ताह एक लाइसेंस समझौते की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य आर78सी के विकास और निर्माण को आगे बढ़ाना है। यह समझौता मलेरिया टीके से जुड़े उनके पहले के सहयोग पर आधारित है, जिसका लक्ष्य बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करना है।

ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के बाल रोग विभाग में ‘वैक्सीनोलॉजी एंड ट्रांसलेशनल मेडिसिन’ के प्रोफेसर साइमन ड्रेपर ने कहा, ‘‘यह समझौता मलेरिया से निपटने की दिशा में बेहद प्रभावी बहु-चरणीय टीका विकसित करने के हमारे प्रयासों में महत्वपूर्ण कदम है।’’

ड्रेपर ने कहा, ‘‘परजीवी के जीवन चक्र के विभिन्न चरणों को लक्षित करने वाले कई एंटीजन को मिलाकर हम अधिक मजबूत और लंबे समय तक चलने वाली सुरक्षा हासिल करने का लक्ष्य रखते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमारा एसआईआई के साथ सहयोग इस बात को सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है कि यदि यह प्रयास सफल होता है, तो इन टीकों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सके और इन्हें उन आबादी तक पहुंचाया जा सके जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।’’

आर78सी, प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम के रक्त-चरण से जुड़े दो एंटीजन आरआईपीआर और साइप्रा पर आधारित है, जिसे क्लिनिकल उपयोग के लिए विकसित किया जा रहा है।

एसआईआई के कार्यकारी निदेशक डॉ. उमेश शालिग्राम ने कहा, ‘‘मलेरिया की रोकथाम के लिए निरंतर वैज्ञानिक नवाचार की आवश्यकता है, खासकर जब प्रयास ऐसे टीकों की ओर बढ़ रहे हैं जो परजीवी को उसके जीवनचक्र के विभिन्न चरणों में लक्षित कर सकें।’’

भाषा आशीष माधव

माधव