नयी दिल्ली, 21 सितंबर (भाषा) नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) के 22,569 करोड़ रुपये के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम को सोमवार को बोली के अंतिम दिन करीब छह गुना बोलियां मिलीं। संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग से आईपीओ को अच्छी प्रतिक्रिया मिली।
इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ के लिए करीब 90,300 करोड़ रुपये की मांग आई, जबकि निर्गम का आकार 22,568 करोड़ रुपये का था।
यह आईपीओ 2024 में आए हुंदै मोटर इंडिया के 27,870 करोड़ रुपये के आईपीओ के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक निर्गम है। एनएसई का आईपीओ 2022 में आए भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के 21,000 करोड़ रुपये के निर्गम से बड़ा है, लेकिन अबतक के सबसे बड़े हुंदै मोटर इंडिया के सार्वजनिक निर्गम से नीचे है।
बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, एनएसई के आईपीओ में पेश किए गए 8.86 करोड़ (8,86,42,911) शेयरों के मुकाबले 50.58 करोड़ (50,58,11,384) शेयरों के लिए बोलियां मिलीं। इस प्रकार, निर्गम को 5.71 गुना अभिदान मिला।
पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) की श्रेणी में 12.68 गुना, जबकि गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 6.55 गुना बोली मिली। खुदरा निवेशकों के मामले में 1.39 गुना अभिदान मिला।
इस बड़े आईपीओ के लिए करीब 90,300 करोड़ रुपये की मांग आई, जबकि निर्गम का आकार 22,568 करोड़ रुपये का था। आईपीओ के लिए बोली के दूसरे दिन शुक्रवार को ही पूरा अभिदान मिल गया था।
एनएसई ने पिछले सप्ताह बुधवार को बड़े (एंकर) निवेशकों से 6,746 करोड़ रुपये जुटाए थे। इनमें सार्वजनिक क्षेत्र की भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), गोल्डमैन सैक्स और फिडेलिटी शामिल थे।
आईपीओ के तहत मौजूदा शेयरधारकों ने 12.64 करोड़ तक इक्विटी शेयर बिक्री पेशकश (ओएफएस) के अंतर्गत रखा है।
आईपीओ के लिए प्रति इक्विटी शेयर 1,700-1,785 रुपये का मूल्य दायरा तय किया गया है। ऊपरी मूल्य पर कंपनी का मूल्यांकन 4.42 लाख करोड़ रुपये बैठता है।
चूंकि यह निर्गम पूरी तरह बिक्री पेशकश (ओएफएस) है, इसलिए शेयरों की बिक्री से मिलने वाली राशि एनएसई के बजाय मौजूदा शेयरधारकों को मिलेगी।
एनएसई का शेयर 24 सितंबर को शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकता है।
भाषा रमण अजय
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