नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) एनटीपीसी का 2037 तक 244 गीगावाट की परिचालन क्षमता विकसित करने और 16.86 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने का लक्ष्य है। कंपनी पूरी ऊर्जा मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
एनटीपीसी के चेयरमैन गुरदीप सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि अगला दशक कंपनी के इतिहास में वृद्धि के सबसे महत्वपूर्ण दौर में से एक होगा। अर्थव्यवस्था के विस्तार और जीवन स्तर में सुधार के साथ भारत की बिजली की जरूरत लगातार बढ़ती रहेगी।
उन्होंने कंपनी की 50वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि इसी के साथ बिजली व्यवस्था की संरचना में भी तेजी से बदलाव आएगा।
सिंह ने कहा, ‘‘हमने दीर्घकालिक क्षमता के अपने लक्ष्य बढ़ाए हैं और अब 2032 तक 149 गीगावाट उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है, जिसमें 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा शामिल है। 2037 तक भंडारण क्षमता को छोड़कर 244 गीगावाट तक पहुंचने का हमारा लक्ष्य है।’’
फिलहाल एनटीपीसी की क्षमता करीब 91 गीगावाट है।
चेयरमैन ने कहा कि कंपनी की वित्त वर्ष 2036-37 तक ताप, जलविद्युत एवं पंप स्टोरेज, नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी भंडारण, खनन तथा परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में कुल करीब 16.86 लाख करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय करने की भी योजना है। यह किसी भारतीय बिजली कंपनी द्वारा किए जाने वाले सबसे बड़े निवेश कार्यक्रमों में से एक होगा।
उन्होंने कहा कि एनटीपीसी का बदलाव केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा।
सिंह ने कहा कि कंपनी पूरी ऊर्जा मूल्य श्रृंखला में अपनी क्षमताएं विकसित कर रही है।
परमाणु ऊर्जा के बारे में उन्होंने कहा कि यह एनटीपीसी की भविष्य की वृद्धि के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक है। कंपनी परमाणु ऊर्जा मिशन के तहत 2047 तक सरकार के 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता के महत्वाकांक्षी लक्ष्य में 30 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल करना चाहती है।
राजस्थान में एनपीसीआईएल के साथ संयुक्त उद्यम में 2.8 गीगावाट की परमाणु ऊर्जा परियोजना विकसित कर रही एनटीपीसी अलग-अलग परमाणु ऊर्जा परियोजनाएं स्थापित करने की भी इच्छुक है।
सिंह ने कहा, ‘‘परमाणु परियोजनाओं एवं प्रौद्योगिकियों के लिए 13 राज्यों में 34 अतिरिक्त स्थानों को लेकर अध्ययन तथा चर्चा आगे बढ़ रही है।’’
उन्होंने कहा कि परमाणु ऊर्जा विश्वसनीय, कम कार्बन उत्सर्जन वाली और चौबीसों घंटे बिजली उपलब्ध कराकर नवीकरणीय तथा ताप विद्युत, दोनों की पूरक होगी।
चेयरमैन ने बताया कि एनटीपीसी की कोयला गैसीकरण आधारित कृत्रिम प्राकृतिक गैस परियोजना पर काम अच्छी तरह आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम 5.75 लाख टन सालाना क्षमता वाली परियोजना पर भी अच्छी प्रगति कर रहे हैं। इसके स्थापित होने के बाद यह भारत में अपनी तरह का पहला संयंत्र होगा और सीधे तौर पर आयातित प्राकृतिक गैस का स्थान लेगा।’’
एनटीपीसी समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक का सबसे अधिक 27,546 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया है, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत अधिक है। समूह की कर पूर्व आय भी बढ़कर 60,564 करोड़ रुपये हो गई जबकि समूह का नेटवर्थ भी बढ़कर करीब 2.03 लाख करोड़ रुपये रहा।
भाषा निहारिका अजय
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