India High-Density Rail Routes: भारत के ये हैं 7 सबसे व्यस्त रेलमार्ग.. क्वाड्रपल-ट्रैक कॉरिडोर में बदला जाएगा 11,000 किलोमीटर का ये रुट.. आप भी देखें नक्शा

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भारतीय रेलवे ने सात हाई डेंसिटी रूट पर चार समानांतर ट्रैक बनाने की योजना तैयार की है। इन रूट पर देश के रेल यातायात का बड़ा हिस्सा चलता है।

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  • Publish Date - August 27, 2026 / 02:45 PM IST,
    Updated On - August 27, 2026 / 02:46 PM IST

India High-Density Rail Routes || Image- ibc24 news archive

HIGHLIGHTS
  • 11,000 किलोमीटर नेटवर्क होगा अपग्रेड
  • सात हाई डेंसिटी रूट पर चार ट्रैक
  • यात्री और मालगाड़ियों की क्षमता बढ़ेगी

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान तैयार कर रहा है। इसके तहत करीब 11,000 किलोमीटर लंबे सात हाई-डेंसिटी रेल रूट्स को क्वाड्रपल-ट्रैक कॉरिडोर में बदलने की योजना है। (India High-Density Rail Routes) इन मार्गों पर देश के कुल रेल यातायात का करीब 41 फीसदी हिस्सा संचालित होता है, जबकि इनकी लंबाई पूरे रेल नेटवर्क की करीब 16 फीसदी है।

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क्या होता है क्वाड्रपल-ट्रैक कॉरिडोर?

क्वाड्रपल ट्रैकिंग का मतलब मौजूदा दो रेल लाइनों के साथ दो और नई लाइनें बिछाकर कुल चार समानांतर ट्रैक तैयार करना है। इससे एक ही कॉरिडोर पर यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को अलग-अलग ट्रैक पर संचालित किया जा सकेगा। इससे ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने के साथ परिचालन में भी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

रेलवे ने जिन सात प्रमुख रूट्स को क्षमता विस्तार के लिए चुना है, उनमें दिल्ली-हावड़ा, हावड़ा-चेन्नई, चेन्नई-मुंबई, मुंबई-दिल्ली, दिल्ली-चेन्नई, मुंबई-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी शामिल हैं। ये कॉरिडोर देश के प्रमुख महानगरों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों, बंदरगाहों और कारोबारी केंद्रों को जोड़ते हैं।

काम जारी, डीपीआर मंजूरी का इंतज़ार

इनमें दिल्ली-हावड़ा रूट करीब 1,400 किलोमीटर, जबकि दिल्ली-मुंबई रूट लगभग 1,500 किलोमीटर लंबा है। नेटवर्क के कई प्रमुख हिस्सों में निर्माण और क्षमता विस्तार का काम पहले से चल रहा है। (India High-Density Rail Routes) वहीं, कुछ हिस्से अभी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी DPR की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं। हाई-डेंसिटी रेल कॉरिडोर वे मार्ग हैं, जहां यात्रियों और माल की आवाजाही काफी अधिक होती है। ऐसे रूट्स पर ट्रैक विस्तार के साथ आधुनिक सिग्नलिंग, विद्युतीकरण और अन्य तकनीकी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाता है।

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रेलवे के इस प्लान का उद्देश्य भीड़भाड़ वाले रेल मार्गों की क्षमता बढ़ाना, यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को बेहतर करना तथा भविष्य की बढ़ती मांग के लिए नेटवर्क को तैयार करना है। चार ट्रैक उपलब्ध होने से व्यस्त रूट्स पर ट्रेनों को अधिक व्यवस्थित तरीके से चलाने में मदद मिल सकती है।

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Q1. रेलवे कितने किलोमीटर के रूट को क्वाड्रपल ट्रैक करेगा?

भारतीय रेलवे करीब 11,000 किलोमीटर लंबे नेटवर्क को चार ट्रैक वाले कॉरिडोर में विकसित करेगा।

Q2. कौन से सात रेलवे रूट चुने गए हैं?

दिल्ली-हावड़ा, हावड़ा-चेन्नई, चेन्नई-मुंबई, मुंबई-दिल्ली, दिल्ली-चेन्नई, मुंबई-हावड़ा और दिल्ली-गुवाहाटी रूट चुने गए हैं।

Q3. क्वाड्रपल ट्रैकिंग से क्या फायदा होगा?

चार ट्रैक से यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही अलग कर क्षमता और परिचालन दक्षता बढ़ाई जा सकेगी।