ऊंचे भाव पर मांग प्रभावित होने से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

ऊंचे भाव पर मांग प्रभावित होने से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट

ऊंचे भाव पर मांग प्रभावित होने से तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट
Modified Date: November 29, 2022 / 07:46 pm IST
Published Date: March 30, 2022 6:48 pm IST

नयी दिल्ली, 30 मार्च (भाषा) चालू वित्त वर्ष के लिए लेखाबंदी (क्लोजिंग) का समय निकट आने तथा ऊंचे भाव पर मांग प्रभवित होने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को लगभग सभी तेल-तिलहनों की कीमतों में गिरावट आई। दूसरी ओर सस्ता होने की वजह से मांग होने के कारण बिनौला तथा मूंगफली तेल-तिलहन के भाव अपरिवर्तित रहे।

शिकॉगो एक्सचेंज में 0.3 प्रतिशत की तेजी रही जबकि मलेशिया एक्सचेंज करीब 1.25 प्रतिशत कमजोर है।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि ऊंचे भाव पर मांग कमजोर रहने और वार्षिक लेखाबंदी की वजह से कारोबार प्रभावित होने से सरसों, सोयाबीन तेल-तिलहन तथा सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतें हानि दर्शाती बंद हुईं।

सूत्रों ने कहा कि तेल-तिलहन में आत्मनिर्भरता हासिल करने का स्थायी एवं सुरक्षित रास्ता देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाना ही होगा।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन – 7,525-7,575 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली – 6,725 – 6,820 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 15,750 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,610 – 2,800 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,050 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,380-2,455 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,430-2,530 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 17,000-18,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 16,000 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,700 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 14,300।

सीपीओ एक्स-कांडला- 14,000 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,050 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,550 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 14,300 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन दाना – 7,625-7,675 रुपये।

सोयाबीन लूज 7,325-7,425 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) 4,000 रुपये।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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