होंडा कार्स इंडिया की 2030 तक भारत में 10 से अधिक नए मॉडल लाने की योजना

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होंडा कार्स इंडिया की 2030 तक भारत में 10 से अधिक नए मॉडल लाने की योजना

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  • Publish Date - May 22, 2026 / 03:12 PM IST,
    Updated On - May 22, 2026 / 03:12 PM IST

नयी दिल्ली, 22 मई (भाषा) वाहन बनाने वाली जापान की कंपनी होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन और सीईओ ताकाशी नाकाजिमा कहा कि कंपनी वर्ष 2030 तक भारत में 10 से अधिक नए मॉडल पेश करने की योजना बना रही है, जिनमें इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) और कॉम्पैक्ट एसयूवी शामिल होंगे।

होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड ने शुक्रवार को भारत में अपनी लोकप्रिय हाइब्रिड सेडान कार ‘सिटी’ का नया संस्करण पेश किया। इसकी शुरुआती कीमत 11.99 लाख रुपये है। साथ ही कंपनी ने भारत में अपनी प्रीमियम एसयूवी ‘जेडआर-वी’ को भी पेश किया।

नकाजिमा ने संवाददाताओं से कहा कि कंपनी चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में अपना पहला पूर्ण इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) भारत में पेश करेगी।

उन्होंने कहा, “हाल ही में हमने घोषणा की है कि हम दो श्रेणियों (चार मीटर से कम और मध्यम आकार के) में नए मॉडल पेश करेंगे। पिछली बार जापान में हमने 10 मॉडल की बात कही थी, लेकिन अब यह संख्या 10 से अधिक हो गई है।”

नाकाजिमा ने बताया कि चालू वित्त वर्ष में कंपनी की कुल छह मॉडल बाजार में उतारने की योजना है, जिसमें ‘सिटी हाइब्रिड’ और ‘जेडआर-वी हाइब्रिड’ शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि नई ‘सिटी’ की पेशकश और ‘जेडआर-वी’ के प्रदर्शन के साथ भारतीय बाजार में एचसीआईएल के तेज वृद्धि के एक नए युग की शुरुआत हुई है।

नाकाजिमा ने कहा, ‘होंडा की भविष्य की वृद्धि के लिए भारत शीर्ष तीन प्रमुख बाजारों में शामिल है। इसे नए उत्पादों की मजबूत श्रृंखला और लागत के मोर्चे पर प्रतिस्पर्धी बनने के हमारे प्रयासों से गति मिलेगी।’

उन्होंने कहा, ‘रणनीतिक रूप से छह नए मॉडल पेश करने के कारण यह वर्ष हमारे लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इससे बाजार में हमारी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ेगी और ब्रांड की स्थिति मजबूत होगी।’

होंडा मोटर कंपनी ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि वह 2028 से भारतीय बाजार के अनुरूप मॉडल पेश करना शुरू करेगी। कंपनी अपने दोपहिया कारोबार का लाभ उठाकर ग्राहकों को यात्री वाहनों की ओर आकर्षित करने की योजना बना रही है।

कंपनी ने भारत को उत्तर अमेरिका और जापान के साथ अपनी भविष्य की वृद्धि रणनीति के लिए प्राथमिक बाजारों में रखा है और इन बाजारों में संसाधनों का रणनीतिक आवंटन करने का फैसला किया है।

भाषा योगेश रमण

रमण

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