नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) कुछ राज्यों में कम बारिश के कारण मौजूदा खरीफ सत्र में धान की बुवाई अबतक 3.35 प्रतिशत घटकर 414.10 लाख हेक्टेयर रह गई है।
सरकारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है।
खरीफ सत्र की मुख्य फसल धान की बुवाई पिछले साल इसी अवधि में 428.46 लाख हेक्टेयर थी। कृषि मंत्रालय ने 28 अगस्त, 2026 तक खरीफ फसलों के तहत रकबे की प्रगति के आंकड़े जारी किए हैं।
मंत्रालय ने सोमवार को बयान में कहा, ‘‘कुल मिलाकर, धान के रकबे में गिरावट मुख्य रूप से कर्नाटक, तेलंगाना, झारखंड, मध्य प्रदेश में उल्लेखनीय कमी के कारण है।’’
सभी खरीफ फसलों का कुल बुवाई क्षेत्र 28 अगस्त तक घटकर 1,071.1 लाख हेक्टेयर रह गया, जो एक साल पहले 1,091 लाख हेक्टेयर था।
दालों का रकबा पिछले साल की समान अवधि के 113.66 लाख हेक्टेयर की तुलना में अब तक मामूली बढ़कर 115.05 लाख हेक्टेयर हो गया है।
श्री अन्न और मोटे अनाजों का बुवाई क्षेत्र 182.11 लाख हेक्टेयर से घटकर 177.90 लाख हेक्टेयर रह गया।
गैर-खाद्यान्न श्रेणी में, तिलहन का रकबा 191.45 लाख हेक्टेयर से मामूली घटकर 190.45 लाख हेक्टेयर रह गया है। कपास का रकबा 109.23 लाख हेक्टेयर से घटकर 108.80 लाख हेक्टेयर पर आ गया।
चालू खरीफ सत्र में 28 अगस्त तक गन्ने की बुवाई पिछले वर्ष की समान अवधि के 58.87 लाख हेक्टेयर के मुकाबले थोड़ी कम होकर 58.46 लाख हेक्टेयर रही।
भाषा पाण्डेय अजय
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