सेमीकॉन 2.0 वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत को मजबूती से स्थापित करेगा : वैष्णव

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सेमीकॉन 2.0 वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में भारत को मजबूती से स्थापित करेगा : वैष्णव

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  • Publish Date - August 31, 2026 / 09:42 PM IST,
    Updated On - August 31, 2026 / 09:42 PM IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि भारत चिप डिजाइन, विनिर्माण और यहां तक कि पूंजीगत उपकरण के क्षेत्र में अपनी क्षमता मजबूत कर वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का अनिवार्य हिस्सा बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।

उन्होंने कहा कि हाल में अधिसूचित 1.27 लाख करोड़ रुपये की ‘सेमीकॉन 2.0’ योजना का उद्देश्य देश में सेमीकंडक्टर का मजबूत तंत्र विकसित करना है।

वैष्णव ने कहा कि सरकार को सेमीकंडक्टर उपकरण, रसायन और गैस क्षेत्र की कंपनियों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।

उन्होंने कहा कि ‘सेमीकॉन 2.0’ का मुख्य जोर यह सुनिश्चित करना होगा कि सेमीकंडक्टर का पूरा तंत्र भारत में गहराई से विकसित हो।

सरकार ने सोमवार को ‘सेमीकॉन 2.0’ योजना अधिसूचित की, जिसमें सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला के विभिन्न क्षेत्रों के लिए पात्रता और प्रोत्साहन तय किए गए हैं।

वैष्णव ने कहा कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में मजबूती से अपनी जगह बनाना चाहता है।

संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा कि ‘सेमीकॉन 1.0’ के तहत मिले अनुभव के कारण वैश्विक चिप विनिर्माता अब भारत को दीर्घकालिक निवेश के लिए एक विश्वसनीय गंतव्य मान रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘लोगों को हमारे देश, हमारे उत्पादन और हमारे डिजाइन पर निर्भर होना चाहिए। इससे हम पूरी सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में वास्तव में मूल्यवान बन जाएंगे। एक देश, सरकार और सेमीकंडक्टर पेशेवरों के समुदाय के रूप में हमारा यही लक्ष्य होना चाहिए…हम इसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।’’

मंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के बाजार का करीब 10 प्रतिशत भारत में होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘और जब हम इससे आगे बढ़ेंगे, तो भारत की भूमिका बहुत बड़ी होगी।’’

उन्होंने यह भी कहा कि ‘वेफर फैब’ के लिए वित्तीय सहायता पिछली योजना के 50 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत किए जाने से भारत को किसी नुकसान का सामना नहीं करना पड़ेगा।

भाषा योगेश अजय

अजय