पाकिस्तान ने दो चरणों वाले यूरोबॉन्ड की बिक्री से जुटाए तीन अरब डॉलर

पाकिस्तान ने दो चरणों वाले यूरोबॉन्ड की बिक्री से जुटाए तीन अरब डॉलर

पाकिस्तान ने दो चरणों वाले यूरोबॉन्ड की बिक्री से जुटाए तीन अरब डॉलर
Modified Date: September 3, 2026 / 11:52 am IST
Published Date: September 3, 2026 11:52 am IST

(सज्जाद हुसैन)

इस्लामाबाद, तीन सितंबर (भाषा) पाकिस्तान ने दो चरणों वाले यूरोबॉन्ड की बिक्री के जरिये रिकॉर्ड तीन अरब डॉलर जुटाए हैं। इस निर्गम के लिए करीब छह अरब डॉलर की बोलियां मिलीं। वित्त मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

यह राशि ऐसे समय जुटाई गई है जब 2022-23 में अर्थव्यवस्था को चूक (डिफॉल्ट) के कगार से वापस लाने के लिए किए गए व्यापक प्रयासों के बाद अब इसमें सुधार के संकेत लगातार दिख रहे हैं।

मंत्रालय ने बयान में कहा कि दो चरणों में बांटे गए इस अंतरराष्ट्रीय ऋण निर्गम को वैश्विक बाजारों और विभिन्न महाद्वीपों के व्यापक एवं विविध संस्थागत निवेशकों से करीब छह अरब डॉलर की बोलियां मिलीं। यह जारी किए गए बॉन्ड की राशि से लगभग दोगुना है।

मंत्रालय ने कहा, ‘‘पाकिस्तान ने दो चरणों वाले यूरोबॉन्ड सौदे के जरिये सफलतापूर्वक तीन अरब डॉलर जुटाए हैं। यह एक ही सौदे में पाकिस्तान द्वारा किया गया अब तक का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय बॉन्ड निर्गम है।’’

इसने कहा कि इस सफल सौदे से अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों में पाकिस्तान की नए सिरे से और लगातार विविध होती पहुंच को बड़ी मजबूती मिली है।

मंत्रालय के अनुसार, इस सौदे में 1.75 अरब डॉलर का 5.5 साल की अवधि वाला बॉन्ड शामिल है, जिस पर 7.5 प्रतिशत की कूपन दर है। वहीं 1.25 अरब डॉलर का 10 साल की अवधि वाला बॉन्ड 7.9 प्रतिशत की कूपन दर पर जारी किया गया है।

पाकिस्तान का इससे पहले सबसे महंगा यूरोबॉन्ड एक दशक से अधिक समय पहले 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर पर जारी किया गया था। इसकी परिपक्वता अवधि कुछ साल पहले पूरी हो गई थी और इसका भुगतान पहले ही किया जा चुका है।

मंत्रालय ने कहा कि दोनों परिपक्वता अवधियों पर प्रतिस्पर्धी मूल्य निर्धारण और 10 साल की अवधि वाले बॉन्ड के लिए मजबूत मांग यह दर्शाती है कि पाकिस्तान लंबी अवधि के लिए बड़ी मात्रा में वित्तपोषण जुटाने में सक्षम है। यह ऐसे समय में हुआ है जब अंतरराष्ट्रीय निवेशक देश के सुधरते व्यापक आर्थिक और ऋण संबंधी बुनियादी कारकों का नए सिरे से आकलन कर रहे हैं।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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