मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत रहने से पाम-पामोलीन में सुधार

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मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत रहने से पाम-पामोलीन में सुधार

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  • Publish Date - May 26, 2026 / 09:03 PM IST,
    Updated On - May 26, 2026 / 09:03 PM IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में गिरावट तथा मलेशिया एक्सचेंज के मजबूत होने के कारण खाद्य तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को कच्चे पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल कीमतों में मजबूती रही।

सस्ता होने की वजह से मांग रहने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन तथा कम उपलब्धता के बीच मांग बढ़ने से बिनौला तेल के दाम में भी सुधार देखने को मिला। सोयाबीन के प्लांट वालों द्वारा फसल का खरीद दाम घटाने के कारण पिछले दिन के मुकाबले सोयाबीन तिलहन में गिरावट रही। सामान्य व सुस्त कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन और सोयाबीन तेल के दाम स्थिर रहे।

शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार जारी है। दूसरी ओर, कल ‘बकरीद’ के मौके पर मलेशिया एक्सचेंज बंद है और आज दोपहर 3.30 बजे कारोबार मामूली सुधार के साथ बंद हो गया।

बाजार सूत्रों ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में फिर से आई तेजी के बीच मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 47 पैसे टूटकर 95.73 (अस्थायी) पर बंद हुआ। रुपये के मूल्य में आई इस गिरावट से खाद्य तेलों का आयात महंगा बैठ रहा है। इसके अलावा मलेशिया एक्सचेंज में सुधार रहने के कारण पाम-पामोलीन तेल के दाम मजबूत हो गये।

उन्होंने कहा कि सूरजमुखी और मूंगफली तेल का दाम पाम-पामोलीन के दाम से नीचे है। इस वजह से पाम-पामोलीन की नमकीन बनाने वाली कंपनियों की ओर से इसकी औद्योगिक मांग है। गंधहीन होने की वजह से नमकीन बनाने वाली कंपनियां पाम-पामोलीन का उपयोग करती हैं। मांग बढ़ने के कारण पाम-पामोलीन तेल के दाम मजबूत रहे।

सूत्रों ने कहा कि मूंगफली की गर्मी की फसल की अच्छी मांग है क्योंकि कई तेलों के मुकाबले यह सस्ती है और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से इसके दाम नीचे हैं। सूरजमुखी तेल से सस्ता होने के कारण मूंगफली तेल की मांग है जिस वजह से मूंगफली तेल-तिलहन में भी सुधार है।

उन्होंने कहा कि नगण्य उपलब्धता के बीच सस्ते में मांग बढ़ने के कारण बिनौला तेल के दाम भी मजबूत रहे।

सूत्रों ने कहा कि सोयाबीन प्लांट वालों ने सोयाबीन तिलहन का खरीद दाम सोमवार के मुकाबले कम किया लेकिन इस वजह से किसानों की ओर से सोयाबीन की आवक घटती चली गई। सोमवार के मुकाबले प्लांट वालों द्वारा खरीद भाव कम बोले जाने से सोयाबीन तिलहन में गिरावट है।

उन्होंने कहा कि सोयाबीन का एमएसपी अगले अक्टूबर से आगे के लिए 5,328 रुपये क्विंटल है। वहीं अभी नेफेड ने प्लांट वालों को 7,551-7,656 रुपये क्विंटल के भाव इसकी कुछ मात्रा में बिक्री की है। यह बिक्री तेलंगाना के प्लांट वालों को 7,431 रुपये क्विंटल के भाव से की गई। नेफेड ने गुजरात और कर्नाटक की निविदा को निरस्त कर दिया क्योंकि उनकी बोली कम थी। किसानों को सोयाबीन, सरसों और कपास नरमा आदि फसलों के जो अच्छे दाम मिले हैं उससे आगे इनकी बुवाई का रकबा बढ़ सकता है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 7,575-7,600 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 6,825-7,300 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,250 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,585-2,885 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,560-2,660 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,560-2,705 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,800 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,200 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,950 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 15,700 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 15,825 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 14,675 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 7,475-7,525 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 7,125-7,200 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय