अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के लिए धैर्य बनाए रखना ही सबसे अच्छी रणनीति: सेबी चेयरमैन

अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के लिए धैर्य बनाए रखना ही सबसे अच्छी रणनीति: सेबी चेयरमैन

अनिश्चितताओं के बीच निवेशकों के लिए धैर्य बनाए रखना ही सबसे अच्छी रणनीति: सेबी चेयरमैन
Modified Date: March 14, 2026 / 07:35 pm IST
Published Date: March 14, 2026 7:35 pm IST

मुंबई, 14 मार्च (भाषा) भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने शनिवार को निवेशकों से धैर्य बनाए रखने की अपील की और इसे अनिश्चित समय में सबसे अच्छी रणनीति करार दिया।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण बाजारों में बिकवाली के दबाव के बीच पांडेय ने कहा कि कोरोना महामारी या रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी पिछली घटनाओं ने यह दिखाया है कि समय के साथ बाजार स्थिर हो जाते हैं।

सेबी के चेयरमैन ने बताया कि वैश्विक स्तर पर स्थिरता बहाल करने के प्रयास जारी हैं, हालांकि दुनिया के कुछ हिस्सों में जारी तनाव ने ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता पैदा की है।

उन्होंने कहा, ‘कई निवेशकों, खासकर खुदरा निवेशकों के लिए, ऐसे अनिश्चित समय में सबसे अच्छी रणनीति धैर्य बनाए रखना है।’

भारतीय पूंजी बाजार नियामक के प्रमुख ने माना कि वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में अनिश्चितता हावी है, जो प्रौद्योगिकी बदलाव, कृत्रिम मेधा (एआई) के अपनाने और भू-राजनीतिक तनावों के कारण उत्पन्न होती है।

पांडेय ने पिछले अनुभव का हवाला देते हुए कहा, ‘बाजारों में उतार-चढ़ाव आया … लेकिन वे अंततः स्थिर हो गए।’

उन्होंने कहा कि अनिश्चितता अपवाद नहीं बल्कि वित्तीय बाजारों की एक सामान्य विशेषता है। असली परीक्षा यह है कि एक प्रणाली चुनौतियों के बावजूद कितनी सुचारू, निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से काम कर सकती है।

पांडेय ने कहा, ‘अनिश्चित समय में पूंजी बाजार की ताकत अस्थिरता की अनुपस्थिति में नहीं है। अस्थिरता बाजारों की एक प्राकृतिक विशेषता है। असली ताकत इस विश्वास में है कि प्रणाली तनाव के समय भी निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी ढंग से काम करेगी।’

पांडेय ने कहा कि यदि हम संस्थानों को मजबूत बनाना जारी रखें, सहभागिता बढ़ाएं और शासन व्यवस्था को बनाए रखें, तो भारतीय पूंजी बाजार अनिश्चितता से निपट सकते हैं और मजबूत भी बन सकते हैं।

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय


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