Petrol Diesel Price Today 03 July 2026: 5 रुपए सस्ता हुआ पेट्रोल, डीजल वाहन मालिकों को भी बड़ी राहत, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिए ईंधन के दाम में और कटौती किए जाने के संकेत / Image: AI Generated
नई दिल्ली: Petrol Diesel Price Today 03 July 2026: देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनी नायरा एनर्जी ने देशभर में पेट्रोल की कीमत में पांच रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत में तीन रुपए प्रति लीटर की कटौती की है। पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में गिरावट के बीच यह कटौती की गई। पिछले दो साल में किसी कंपनी ने पहली बार ईंधन की खुदरा कीमतों में कटौती की है। पश्चिम एशिया में तनाव अपेक्षाकृत कम होने और एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग फिर से खुलने से कच्चे तेल तथा एलएनजी की आपूर्ति बहाल हुई है। इससे आपूर्ति बाधित होने की आशंका कम हुई और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
Petrol Diesel Price Today 03 July 2026: उद्योग से जुड़े सूत्रों ने बताया कि संशोधित दरें देशभर में नायरा के 7,000 से अधिक पेट्रोल पंप पर लागू हो गई हैं। मूल्य वर्धित कर (वैट) जैसे स्थानीय करों के कारण विभिन्न राज्यों में पेट्रोल पंपों पर कीमतें अलग-अलग होती हैं। हालांकि, सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने कीमतों में किसी संशोधन की घोषणा नहीं की।
दूसरी ओर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष के दौरान वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई उछाल से सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान लागत से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बेचने के कारण पेट्रोलियम विपणन कंपनियों को 30 जून तक की अवधि में 74,781 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।
पुरी ने संवाददाताओं से कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अब कम हो गई हैं, लेकिन पेट्रोलियम कंपनियां अब भी उस कच्चे तेल का प्रसंस्करण कर रही हैं जिसे पश्चिम एशिया संकट के चरम होने के दौरान खरीदा गया था। कंपनियां ईंधन उत्पादन के लिए कच्चा तेल आमतौर पर कम-से-कम दो महीने पहले खरीदती हैं। ऐसे में वर्तमान में जिस कच्चे तेल का प्रसंस्करण हो रहा है, वह मुख्य रूप से अप्रैल या मई की शुरुआत में खरीदा गया था जब अंतरराष्ट्रीय कीमतें काफी ऊंची थीं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती के सवाल पर पुरी ने कहा कि यदि अगले कुछ सप्ताह तक कच्चे तेल की कीमतें निचले स्तर पर बनी रहती हैं, तो यह एक उचित सवाल होगा। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष समाप्त करने को लेकर सहमति बनने के बाद जून के दूसरे पखवाड़े से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आनी शुरू हुई है।