नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बृहस्पतिवार को कहा कि सड़क सुरक्षा जागरूकता एक राष्ट्रीय आंदोलन है और इसके लिए सभी सड़क उपयोगकर्ताओं का जिम्मेदार व्यवहार करना जरूरी है।
एक बयान के मुताबिक, मल्होत्रा ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े अभियान महज औपचारिक कार्यक्रम न होकर जिम्मेदार सड़क उपयोग की संस्कृति विकसित करने के व्यापक राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा हैं।
उन्होंने उद्योग मंडल पीएचडीसीसीआई की तरफ से आयोजित ‘उत्तराखंड एडवेंचर राइड’ के तीसरे संस्करण को हरी झंडी दिखाते हुए सड़क सुरक्षा को मजबूत करने और जिम्मेदार ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाएं अभी भी बड़ी चुनौती बनी हुई हैं और हर साल करीब 1.8 लाख लोग इन हादसों में जान गंवा रहे हैं। इनमें लगभग 45 प्रतिशत मौतें दोपहिया वाहनों से जुड़ी होती हैं, जिससे सुरक्षित और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार अपनाने की जरूरत और बढ़ जाती है।
केंद्रीय मंत्री ने युवाओं से सड़क सुरक्षा का ‘ब्रांड एम्बैसडर’ बनने और दूसरों के लिए उदाहरण पेश करने का आह्वान किया।
उन्होंने सड़क सुरक्षा के लिए सरकार की ‘4ई’ रणनीति- इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, शिक्षा और आपातकालीन देखभाल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह देश के सड़क सुरक्षा ढांचे की आधारशिला है।
मल्होत्रा ने लोगों से हेलमेट के बिना वाहन चलाने, तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन के इस्तेमाल और नाबालिग ड्राइविंग जैसी जोखिम भरी आदतों से बचने की अपील की।
उन्होंने कहा, “हेलमेट विकल्प नहीं, सुरक्षा है। रफ्तार ताकत नहीं, जोखिम है। जीवन महत्वपूर्ण है, कोई भी फोन कॉल सुरक्षा से ज्यादा जरूरी नहीं।”
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