नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) दिल्ली के एक जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने मोबाइल फोन फटने की घटना के बाद रियलमी कंपनी को संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे एक अभ्यर्थी को मुआवजा देने का निर्देश दिया है। फोन विस्फोट में अभ्यर्थी के झुलस जाने के कारण वह प्रारंभिक परीक्षा में शामिल नहीं हो सका था।
आयोग के अध्यक्ष दिव्य ज्योति जयपुरियार और सदस्य रश्मि बंसल की पीठ ने पीड़ित अभ्यर्थी कोटि साई पवन की शिकायत पर सुनवाई करते हुए कंपनी को कुल 1.5 लाख रुपये का हर्जाना भरने का निर्देश दिया। आयोग ने अपने आदेश में कहा कि ग्राहक को घटिया बैटरी या फोन की आपूर्ति करना कंपनी की गंभीर लापरवाही है, जिससे कोई बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी।
शिकायत के मुताबिक, घटना जून, 2022 की है जब पवन के सोते समय उसके पास रखे फोन में अचानक विस्फोट हो गया और उसमें आग लग गई। इस घटना में पवन का हाथ और माथा झुलस गया, जिसके कारण उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती होना पड़ा और वह अगले दिन होने वाली अपनी महत्वपूर्ण परीक्षा नहीं दे पाया।
आयोग ने पाया कि कंपनी ने अपने बचाव में कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं किए, जबकि अस्पताल की रिपोर्ट और जले हुए फोन की तस्वीरों से अभ्यर्थी के आरोपों की पुष्टि हुई।
आयोग ने कंपनी को आदेश दिया कि वह पीड़ित को शारीरिक व मानसिक पीड़ा के लिए एक लाख रुपये, नुकसान की भरपाई के लिए 25 हजार रुपये और मुकदमेबाजी के खर्च के तौर पर 25 हजार रुपये का भुगतान करे। कंपनी को यह पूरी राशि एक अक्टूबर, 2022 से छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ 30 दिन के भीतर चुकानी होगी।
भाषा सुमित अजय
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