राष्ट्रपति ने आरईसी के पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के साथ विलय को मंजूरी दी

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राष्ट्रपति ने आरईसी के पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के साथ विलय को मंजूरी दी

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  • Publish Date - June 10, 2026 / 09:08 PM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 09:08 PM IST

नयी दिल्ली, 10 जून (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन (आरईसी) लिमिटेड के पावर फाइनेंस कॉरपारेशन (पीएफसी) में विलय को मंजूरी दे दी है।

यह निर्णय पीएफसी के आरईसी में सरकार की बहुलांश हिस्सेदारी हासिल करने के लगभग सात साल बाद लिया गया।

सरकारी क्षेत्र की कंपनी पीएफसी ने मार्च, 2019 में आरईसी लिमिटेड में सरकार की 52.63 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण 14,500 करोड़ रुपये में पूरा किया था।

आरईसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विद्युत मंत्रालय ने 10 जून, 2026 के अपने पत्र के माध्यम से इस प्रस्ताव (आरईसी का पीएफसी में विलय) के संबंध में सक्षम प्राधिकारी (भारत की राष्ट्रपति) की स्वीकृति की जानकारी दी है।

निदेशक मंडल की 16 मई को हुई बैठक में राष्ट्रपति की मंजूरी के मद्देनजर आरईसी के पीएफसी में विलय के प्रस्ताव को सुरक्षित रखा गया था।

आरईसी ने कहा था कि लागू कानून के तहत विलय को विधिवत मंजूरी मिलने और प्रभावी होने पर कंपनी की सभी परिसंपत्तियां और देनदारियां पीएफसी को हस्तांतरित कर दी जाएंगी तथा आरईसी कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 230-232 के प्रावधानों के अनुसार भंग हो जाएगी।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस साल अपने बजट भाषण में आरईसी और पीएफसी के विलय के बारे में बात की थी।

उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) में व्यापकता लाने और दक्षता सुधारने के लिए, पहले कदम के रूप में पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन और आरईसी का पुनर्गठन प्रस्तावित है।

भाषा यासिर अजय

अजय