निजी हवाई अड्डा संचालकों ने लैंडिंग-पार्किंग शुल्क में रियायत खत्म करने की मांग रखी

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निजी हवाई अड्डा संचालकों ने लैंडिंग-पार्किंग शुल्क में रियायत खत्म करने की मांग रखी

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  • Publish Date - July 3, 2026 / 05:13 PM IST,
    Updated On - July 3, 2026 / 05:13 PM IST

मुंबई, तीन जुलाई (भाषा) निजी हवाई अड्डों के संगठन एपीएओ ने नागर विमानन मंत्रालय से घरेलू उड़ानों पर लैंडिंग एवं पार्किंग शुल्क में दी गई 25 प्रतिशत रियायत को छह जुलाई के बाद समाप्त करने और हवाई अड्डा संचालकों को एयरलाइंस से यह शुल्क वसूलने की अनुमति देने का आग्रह किया है।

पश्चिम एशिया तनाव के बीच नियामक एईआरए ने सात अप्रैल को सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर घरेलू उड़ानों के लिए लैंडिंग और पार्किंग शुल्क में तीन महीने के लिए 25 प्रतिशत कटौती की अनुमति दी थी। यह निर्णय एयरलाइंस को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया था।

निजी हवाई अड्डा परिचालक संघ (एपीएओ) ने मंत्रालय को लिखे पत्र में कहा है कि यह राहत असाधारण और समयबद्ध उपाय के रूप में दी गई थी। लेकिन अब भू-राजनीतिक स्थिति में काफी स्थिरता आने और ऐसे समर्थन की जरूरत वाली स्थितियां काफी हद तक कम हो जाने से निर्धारित अवधि के बाद रियायत जारी रखना उचित नहीं होगा।

एपीएओ ने कहा कि हवाई अड्डों पर स्थायी लागत और चल रहे निवेश का बोझ बना हुआ है और रियायत को लंबा खींचने से एईआरए द्वारा अनुमोदित राजस्व आवश्यकताओं की वसूली कम हो सकती है, जिससे वित्तीय स्थिरता और भविष्य के बुनियादी ढांचा विकास पर असर पड़ेगा।

संगठन ने सुझाव दिया कि राहत अवधि के दौरान जो लैंडिंग शुल्क नहीं वसूला गया है, उसे 2026-27 में संबंधित प्राधिकरण को देय राजस्व हिस्सेदारी या रियायती शुल्क से समायोजित करने की अनुमति दी जाए। इसके बाद इस राशि को ऑपरेटर द्वारा ‘ट्रूइंग अप’ प्रक्रिया के माध्यम से वसूली के पश्चात ब्याज या जुर्माने के बगैर जमा किया जा सकता है।

एपीएओ 16 हवाई अड्डा संचालकों का प्रतिनिधित्व करता है जिनमें दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डे भी शामिल हैं।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय