नयी दिल्ली, 27 मार्च (भाषा) सरकार ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत जब्त खाद्य पदार्थों और वाहन जैसी वस्तुओं में हस्तक्षेप के लिए जेल की अवधि को अधिकतम छह महीने से घटाकर तीन महीने करने का प्रस्ताव किया है।
शुक्रवार को सरकार ने लोकसभा में जन विश्वास विधेयक का दूसरा संस्करण पेश किया, जिसमें व्यापार सुगमता को बढ़ावा देने के लिए कई छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने के लिए कुछ प्रावधानों में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है।
जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक में 23 मंत्रालयों से संबंधित 79 केंद्रीय अधिनियमों में संशोधन करने का प्रस्ताव करता है।
वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद द्वारा पेश जन विश्वास संशोधन विधेयक के प्रावधानों के अनुसार, सरकार ‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006’ में कुछ बदलाव करने का प्रस्ताव करती है।
विधेयक में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (एफएसएस अधिनियम) की धारा 60 में, ‘छह महीने’ शब्द के स्थान पर, ‘तीन महीने’ शब्द प्रतिस्थापित किए जाएंगे।
धारा 60 जब्त की गई वस्तुओं में हस्तक्षेप के लिए दंड से संबंधित है।
एफएसएस अधिनियम की वर्तमान धारा 60 के अनुसार, ‘‘यदि कोई व्यक्ति खाद्य सुरक्षा अधिकारी की अनुमति के बिना, इस अधिनियम के तहत जब्त किए गए किसी भी खाद्य पदार्थ, वाहन, उपकरण, पैकेज या लेबलिंग या विज्ञापन सामग्री या अन्य चीज को अपने पास रखता है, हटाता है या छेड़छाड़ करता है, तो उसे छह महीने तक की कैद हो सकती है और जुर्माना भी हो सकता है, जो 2 लाख रुपये तक बढ़ सकता है।’’ भाषा राजेश राजेश रमण
रमण
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