सार्वजनिक सुरक्षा, आपदा राहत नेटवर्क का अगले महीने से पायलट परीक्षणः अधिकारी

सार्वजनिक सुरक्षा, आपदा राहत नेटवर्क का अगले महीने से पायलट परीक्षणः अधिकारी

सार्वजनिक सुरक्षा, आपदा राहत नेटवर्क का अगले महीने से पायलट परीक्षणः अधिकारी
Modified Date: September 2, 2026 / 08:31 pm IST
Published Date: September 2, 2026 8:31 pm IST

नयी दिल्ली, दो सितंबर (भाषा) सरकार आपदा की आशंका वाले क्षेत्रों में ‘सार्वजनिक सुरक्षा और आपदा राहत’ (पीपीडीआर) नेटवर्क का अक्टूबर से पायलट परीक्षण शुरू करेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

पीपीडीआर नेटवर्क का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा के समय सरकारी एजेंसियों के बीच संचार बनाए रखना और आम लोगों को समय पर चेतावनी देना है।

गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव प्रसन्ना आर ने यहां ‘ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम’ (बीआईएफ) की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि देश की चारों दूरसंचार कंपनियों के साथ पीपीडीआर नेटवर्क की ‘संकल्पना का प्रमाण’ (पीओसी) पहले ही किया जा चुका है।

उन्होंने कहा, ‘‘इसका पीओसी हो चुका है। हम इस महीने मॉडल को अंतिम रूप देंगे और अक्टूबर में पायलट शुरू हो जाएगा।’’

प्रसन्ना ने कहा कि यह नेटवर्क 10 क्षेत्रों में लागू किया जाएगा, जिनमें कुछ सीमावर्ती और आपदा की आशंका वाले जिले, महानगर तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह शामिल हैं।

सरकार पीपीडीआर नेटवर्क में उपग्रह संचार को शामिल करने के लिए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और निजी कंपनियों से बातचीत कर रही है।

नए पीपीडीआर नेटवर्क को ब्रॉडबैंड आधारित बनाने का प्रस्ताव है, जिसमें आवाज के संचार के अलावा लाइव तस्वीरें, वीडियो और टेक्स्ट संदेश भेजने की सुविधा होगी।

इस अवसर पर दूरसंचार नियामक ट्राई के अध्यक्ष ए. के. लाहोटी ने कहा कि प्राकृतिक आपदा या बड़ी दुर्घटना के समय संचार सार्वजनिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण साधन बन जाता है। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण संचार प्रणालियों में उच्च विश्वसनीयता, मजबूती, उपलब्धता, वास्तविक समय में प्रतिक्रिया और विभिन्न प्रणालियों के बीच तालमेल सुनिश्चित होना चाहिए।

लाहोटी ने कहा कि ट्राई ने सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एकल नंबर 112 आधारित एकीकृत आपातकालीन संचार एवं प्रतिक्रिया प्रणाली समेत कई उपाय सुझाए हैं।

बीआईएफ अध्यक्ष टी. वी. रामचंद्रन ने कहा कि जब सामान्य नेटवर्क काम नहीं करते हैं, तब पीपीडीआर को ‘पहला नेटवर्क’ बनकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और अन्य गंभीर संकट से निपटने में उपग्रह संपर्क की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

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