(अमनप्रीत सिंह)
अमरावती, आठ फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने रविवार को कहा कि भारत क्वांटम प्रौद्योगिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिये तैयार है, जो सूचना एवं प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र और व्यापक अर्थव्यवस्था के लिए क्रांतिकारी बदलाव लाने वाली साबित हो सकती है।
‘पीटीआई-वीडियो’ को दिए एक साक्षात्कार में नायडू ने कहा कि आंध्र प्रदेश में शुरू की गई ‘क्वांटम वैली’ पहल देश में आईटी क्रांति की अगली लहर लाने के लिए तैयार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इससे भारत सॉफ्टवेयर और सेवाओं के केंद्र के साथ-साथ हार्डवेयर और विनिर्माण के गढ़ के रूप में भी स्थापित होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘प्रौद्योगिकी अब परिपक्व हो चुकी है। कृत्रिम मेधा (एआई) और रियल-टाइम डेटा संग्रह अब एक वास्तविकता है। अगला स्तर क्वांटम कंप्यूटिंग है, क्योंकि इसमें असीमित क्षमताएं हैं। आज की तारीख में यह सबसे तेज और सभी प्रौद्योगिकी की जननी है।’
उन्होंने कहा, ‘दुनिया के केवल कुछ ही देशों ने क्वांटम प्रौद्योगिकी में बढ़त हासिल की है और भारत उनमें से एक है। भारत सरकार ने क्वांटम मिशन की घोषणा की है और अब हम इसे यहां (क्वांटम वैली) स्थापित कर रहे हैं। इसके साथ ही हमारे लोग क्वांटम कंप्यूटर बनाने और विनिर्माण क्षेत्र में उतरने के लिए तैयार हैं।’
निवेश प्रस्तावों के धरातल पर न उतरने की चुनौती को स्वीकार करते हुए नायडू ने कहा कि वह निवेश के ‘कन्वर्जन रेट’ (धरातल पर उतरने की दर) को सुधारने और गैर-गंभीर कंपनियों को बाहर करने के लिए सुरक्षा उपाय कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘पहले मैं ‘व्यापार करने में सुगमता’ की बात करता था, अब मैं ‘व्यापार करने में गति’ पर जोर दे रहा हूं। कोई भी निवेशक ‘रिटर्न’ की उम्मीद करता है। यदि किसी परियोजना में असामान्य देरी होती है, तो वह व्यावहारिक नहीं रह जाती। मैं सभी बाधाओं को दूर करना चाहता हूं। सब्सिडी और अन्य लाभों के लिए मैं ‘एस्क्रो अकाउंट’ की व्यवस्था शुरू कर रहा हूं, ताकि निवेशकों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।’
नायडू के अनुसार, अब निवेश प्रस्तावों के साथ स्पष्ट समयसीमा और व्यावहारिकता का प्रमाण देना अनिवार्य होगा, जिसकी मासिक समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम सभी मंजूरियां 21 दिन या उससे कम समय में दे रहे हैं। कुछ परियोजनाओं के लिए तो 10 दिन या एक सप्ताह में जमीन अधिग्रहण समेत सभी कार्य पूरे किए जा रहे हैं।’
उन्होंने कहा, ‘काम में कोई देरी नहीं होगी। कोई भी गैर-गंभीर उद्यमी हमारे साथ व्यापार नहीं कर सकता। यदि आप गंभीर हैं, तो हम काम पूरा करके देंगे। हम सभी मंजूरियां 21 दिन या उससे भी कम समय में दे रहे हैं। कुछ परियोजनाओं के लिए तो भूमि अधिग्रहण जैसी कठिन प्रक्रिया सहित सभी मंजूरियों के साथ 10 दिन या एक सप्ताह में दी जा रही हैं। हम किसानों को इसके लिए तैयार करते हैं। यह सभी के लिए फायदेमंद स्थिति है। यदि कोई परियोजना आती है, तो रोजगार मिलेगा और वह क्षेत्र समृद्ध होगा।’
तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष ने कहा कि प्रौद्योगिकी के माध्यम से धन सृजन ही सरकारों को कल्याणकारी योजनाएं संचालित करने में सक्षम बनाता है। उन्होंने दावा किया कि दुनिया भर में आईटी क्षेत्र में काम करने वाले हर चार में से एक व्यक्ति भारतीय है और भारतीयों में 35 प्रतिशत तेलुगू समुदाय के लोग हैं।
अमेरिका में एच1बी वीजा के प्रति हालिया नकारात्मक रुख पर उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए अपनी प्रतिभा को वापस बुलाने का एक अवसर है। उन्होंने ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभा पलायन) को ‘ब्रेन गेन’ (प्रतिभा वापसी) बताते हुए कहा कि कई उद्यमी विदेश से हासिल ज्ञान और विशेषज्ञता के साथ वापस लौट रहे हैं।
एआई से नौकरियों के खतरे पर नायडू ने कहा, ‘आप किसी भी नयी तकनीक को रोक नहीं सकते। यदि आप इसे रोकेंगे, तो आप पिछड़ जाएंगे। इसे अपनाना ही समझदारी है। भविष्य में शारीरिक श्रम वाली नौकरियां कम हो सकती हैं, लेकिन मानसिक कौशल वाले कार्यों की मांग हमेशा बनी रहेगी।’
उन्होंने अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए कहा, ‘जब मैंने वर्षों पहले पहली बार सेल फोन की बात की थी, तो कुछ लोगों ने मुझे ‘420’ (धोखेबाज) कहा था। उन्हें लगा था कि यह संभव नहीं है, लेकिन आज देखिए हम प्रौद्योगिकी के मामले में कहां पहुंच गए हैं।’
भाषा सुमित दिलीप
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