नयी दिल्ली, 24 जुलाई (भाषा) आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने शुक्रवार को कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में बेल्लारी-गुंटकल रेल खंड पर तीसरी एवं चौथी लाइन बिछाने की 1,264 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी।
यह परियोजना रेलवे की क्षमता बढ़ाने, माल एवं यात्री आवागमन को बेहतर बनाने और दोनों राज्यों के बीच संपर्क सुविधा मजबूत करने के उद्देश्य से ‘प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ के तहत लाई गई है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सीसीईए की बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी गई।
आधिकारिक बयान के अनुसार, यह परियोजना एकीकृत नियोजन एवं हितधारकों से परामर्श के जरिए बहु-स्तरीय संपर्क और लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाने पर केंद्रित है। इससे लोगों, माल और सेवाओं के आवागमन में निर्बाध संपर्क सुनिश्चित होगा।
दोनों राज्यों के तीन जिलों में फैली इस परियोजना से भारतीय रेलवे नेटवर्क में करीब 46 किलोमीटर की वृद्धि होगी।
सरकार ने कहा, ‘कई ट्रैक वाली इस परियोजना से करीब 99 गांवों को बेहतर रेल संपर्क मिलेगा, जिनकी कुल आबादी लगभग सात लाख है। इससे बेल्लारी किला और श्री कुमारस्वामी मंदिर जैसे पर्यटन स्थलों तक रेल संपर्क बेहतर होगा।’
यह मार्ग लौह अयस्क, डोलोमाइट, चूना पत्थर, इस्पात, कोयला, उर्वरक और खाद्यान्न जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है। परियोजना से सालाना 1.62 करोड़ टन अतिरिक्त माल की ढुलाई क्षमता विकसित होगी।
सरकार ने कहा कि इस परियोजना से लॉजिस्टिक लागत घटेगी, तेल आयात में 1.32 करोड़ लीटर की कमी आएगी और 6.67 करोड़ किलोग्राम कार्बन उत्सर्जन घटेगा, जो लगभग 0.27 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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