मुंबई, पांच जनवरी (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने ऋण देने के मानकों को मजबूत रखने और परिसंपत्ति गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने पर जोर दिया। उन्होंने सोमवार को चुनिंदा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक में यह बात कही।
विनियामक संस्थाओं के साथ रिजर्व बैंक के लगातार जुड़ाव के तहत गवर्नर ने सरकारी एनबीएफसी, आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) सहित चुनिंदा एनबीएफसी के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ बैठक की।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बयान में कहा कि गवर्नर ने अपने शुरुआती संबोधन में ऋण प्रवाह को आसान बनाने में एनबीएफसी और एचएफसी की महत्वपूर्ण भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने ऋण मानकों को बेहतर बनाने और परिसंपत्ति गुणवत्ता की बारीकी से निगरानी करने की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
मल्होत्रा ने इस क्षेत्र में भरोसा बनाए रखने और इसके व्यवस्थित व टिकाऊ विकास के लिए ग्राहक केंद्रित नजरिये, नैतिक आचरण और जिम्मेदारी के साथ ऋण देने के साथ ही शिकायतों के तेजी से समाधान पर जोर दिया।
रिजर्व बैंक ने इससे पहले 13 फरवरी, 2025 को एनबीएफसी के साथ इसी तरह की बैठक की थी। बैठक में भाग लेने वाली संस्थाएं कुल मिलाकर एनबीएफसी क्षेत्र की लगभग 53 प्रतिशत परिसंपत्तियों का प्रतिनिधित्व करती हैं।
भाषा पाण्डेय रमण
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