रिजर्व बैंक ने विदेशी निवेश से जुड़े नियमों का मसौदा जारी किया
रिजर्व बैंक ने विदेशी निवेश से जुड़े नियमों का मसौदा जारी किया
मुंबई, 21 जुलाई (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक ने मंगलवार को विदेशी निवेश से जुड़े सरल और भविष्य के हिसाब से तैयार नियमों का प्रस्ताव रखा। इसमें भारतीय कंपनियों की विदेशी सूचीबद्धता से जुड़े नियम भी शामिल हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में नियमों की व्यापक समीक्षा की घोषणा की थी। उसके बाद विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन (गैर-ऋण उत्पाद) नियमों में बदलाव का प्रस्ताव किया गया है।
भारत में विदेशी निवेश अभी विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन (गैर-ऋण उत्पाद) नियम, 2019 के तहत संचालित होता है।
केंद्र सरकार ने घोषणा के बाद मौजूदा नियामकीय रूपरेखा की व्यापक समीक्षा के लिए एक समिति का गठन किया था।
रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने समिति की सिफारिशों के आधार पर और केंद्र सरकार तथा अन्य संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करके तर्कसंगत नियमों का एक मसौदा तैयार किया है।
आरबीआई ने कहा कि प्रस्तावित मसौदा नियम की एक मुख्य विशेषता आसान और सिद्धांतों पर आधारित रूपरेखा है।
इसका मकसद प्रावधानों को तर्कसंगत बनाना, परिभाषाओं में एकरूपता लाना और स्पष्टता बढ़ाने तथा नियामकीय जटिलता को कम करने के लिए एक आसान नियामकीय रूपरेखा तैयार करना है।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति के साथ तालमेल, कारोबार सुगमता और भविष्य के हिसाब से तैयार नियामकीय रूपरेखा इसकी अन्य मुख्य विशेषताएं हैं।
केंद्रीय बैंक ने 31 अगस्त तक मसौदे पर सुझाव मांगे हैं।
अंतरराष्ट्रीय शेयर बाजार में सूचीबद्धता के मामले में, मसौदे में कहा गया है कि एक सार्वजनिक कंपनी कुछ शर्तों के साथ विदेशी शेयर बाजार में अपना इक्विटी शेयर जारी कर सकती है या मौजूदा शेयरधारकों के इक्विटी शेयर की पेशकश कर सकती है।
शर्तों में से एक यह है कि इक्विटी शेयर को कंपनी के बही-खातों में भारतीय रुपये में दर्ज किया जाना चाहिए और इसे डीमैट (डिजिटल रूप में) रूप रखा जाना चाहिए।
इसमें कहा गया, ‘‘अगर ऐसी कंपनी भारत में किसी मान्यता प्राप्त शेयर बाजार में सूचीबद्ध है तो इक्विटी शेयर जारी करने या पेशकश करने के मामले में लागू सेबी नियमों का भी पालन करना होगा और ऐसे इक्विटी शेयर को भारत में मान्यता प्राप्त शेयर बाजार में सूचीबद्ध इक्विटी के बराबर दर्जा दिया जाएगा।’’
केंद्रीय बैंक ने कहा कि नियमों को व्यापक परामर्श के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा।
भाषा रमण अजय
अजय

Facebook


