महानगरों से आगे बढ़ी भर्ती की प्रक्रिया, दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहर बने नए प्रतिभा केंद्र: रिपोर्ट
महानगरों से आगे बढ़ी भर्ती की प्रक्रिया, दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहर बने नए प्रतिभा केंद्र: रिपोर्ट
मुंबई, 20 सितंबर (भाषा) देश के छोटे शहर अब बड़े प्रतिभा केंद्रों के रूप में उभर रहे हैं और पिछले दो वर्षों में ज्यादातर नियोक्ताओं ने दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से नियुक्तियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। एक रिपोर्ट में यह निष्कर्ष सामने आया है।
कार्यबल प्रबंधन और मानव संसाधन समाधान प्रदाता जीनियस एचआरटेक लिमिटेड की रिपोर्ट के अनुसार भारत में भर्ती का परिदृश्य अब पारंपरिक महानगरों से आगे बढ़ रहा है। सर्वेक्षण में शामिल 69 प्रतिशत संगठनों ने बताया कि उन्होंने पिछले दो वर्षों के दौरान दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों से अपनी नियुक्तियों में 30 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है।
यह रिपोर्ट अगस्त में विभिन्न क्षेत्रों के 1,729 नियोक्ताओं के बीच किए गए सर्वेक्षण पर आधारित है। इनमें वित्त एवं बीएफएसआई, एफएमसीजी, इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), विनिर्माण, दूरसंचार, खुदरा और ई-कॉमर्स जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कंपनियां अपनी प्रतिभाओं का दायरा बढ़ाने और अधिक विकेंद्रीकृत भर्ती रणनीतियों को अपनाने के लिए छोटे शहरों का रुख कर रही हैं। यह रुझान आने वाले समय में और तेज होने की उम्मीद है। सर्वेक्षण में शामिल 55 प्रतिशत नियोक्ताओं का मानना है कि अगले तीन वर्षों में उनके संगठन की अधिकांश भर्तियां दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों की ओर स्थानांतरित हो जाएंगी।
जीनियस एचआरटेक के चेयरमैन आर पी यादव ने कहा, ‘‘दूसरी और तीसरी श्रेणी के शहरों को अब केवल महानगरों के विकल्प के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि वे अपने आप में रणनीतिक प्रतिभा बाजार बन रहे हैं। अब अगला ध्यान बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और इस वृद्धि को समर्थन देने के लिए विशिष्ट कौशल विकसित करने पर होना चाहिए।’’
भाषा पाण्डेय अजय
अजय

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