निर्यातकों के लिए ‘रिलीफ’ योजना व्यापार प्रवाह की निरंतरता सुनिश्चित करने में होगी मददगार: फियो

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निर्यातकों के लिए ‘रिलीफ’ योजना व्यापार प्रवाह की निरंतरता सुनिश्चित करने में होगी मददगार: फियो

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  • Publish Date - March 19, 2026 / 10:15 PM IST,
    Updated On - March 19, 2026 / 10:15 PM IST

नयी दिल्ली, 19 मार्च (भाषा) निर्यातकों के शीर्ष निकाय फियो ने बृहस्पतिवार को कहा कि निर्यात संवर्धन मिशन के तहत सरकार की ‘रिलीफ’ पहल वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद व्यापार प्रवाह की निरंतरता सुनिश्चित करने में मददगार होगी।

सरकार ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण उत्पन्न बाधाओं का सामना कर रहे निर्यातकों को सहायता प्रदान करने के लिए बृहस्पतिवार को 497 करोड़ रुपये के व्यय वाली ‘रिलीफ’ (निर्यात सुविधा के लिए मजबूती और लॉजिस्टिक पहल) योजना शुरू की।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, ‘भारतीय निर्यात ऋण गारंटी निगम’ (ईसीजीसी) को इस योजना की कार्यान्वयन एजेंसी नियुक्त किया गया है। इसके तहत निर्यात दायित्वों का स्वचालित विस्तार, लॉजिस्टिक सहायता और परिवहन में देरी को प्रबंधित करने के लिए वित्तीय उपाय शामिल किए गए हैं।

भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (फियो) ने एक बयान में कहा कि निर्यात संवर्धन मिशन के तहत सरकार की ‘रिलीफ’ पहल वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद व्यापार प्रवाह की निरंतरता सुनिश्चित करने में मददगार होगी।

फियो के अध्यक्ष एस सी रल्हन ने योजना का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘सरकार की त्वरित प्रतिक्रिया भारत के निर्यात हितों की रक्षा करने और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद व्यापार प्रवाह की निरंतरता सुनिश्चित करने के प्रति उसकी दृढ़ प्रतिबद्धता को बताती है।’’

उन्होंने विशेष रूप से ‘रिलीफ’ पैकेज के व्यापक स्वरूप की सराहना की, जो निर्यात चक्र के विभिन्न चरणों में निर्यातकों की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

बयान के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक खाड़ी क्षेत्र के आसपास हाल के घटनाक्रमों के कारण कई बड़ी चुनौतियां सामने आई हैं, जिनमें जहाजों का मार्ग बदलना, पारगमन समय में वृद्धि, ट्रांसशिपमेंट केंद्रों पर भीड़भाड़ और माल ढुलाई तथा बीमा लागत में भारी वृद्धि शामिल है। इन रुकावटों ने भारतीय निर्यातकों के लिए, विशेष रूप से उन निर्यातकों के लिए जिनका इस क्षेत्र से जुड़ाव है, काफी अनिश्चितता पैदा कर दी है।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य माल ढुलाई में असाधारण वृद्धि, बढ़े हुए बीमा प्रीमियम और खाड़ी क्षेत्र के समुद्री गलियारे में व्यवधानों से उत्पन्न युद्ध-संबंधी निर्यात जोखिमों से भारतीय निर्यातकों को बचाना है।

भाषा रमण अजय

अजय