रेलिगेयर फिनवेस्ट को ऋण पुनर्गठन दो माह में पूरा होने की उम्मीद

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रेलिगेयर फिनवेस्ट को ऋण पुनर्गठन दो माह में पूरा होने की उम्मीद

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  • Publish Date - April 18, 2021 / 10:31 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:06 PM IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में 18 बैंकों के गठजोड़ द्वारा ऋण पुनर्गठन योजना को मंजूरी के बाद रेलिगेयर फिनवेस्ट लि. (आरएफएल) नए कारोबार के लिए तैयार हो रही है। रेलिगेयर एंटरप्राइजेज की चेयरपर्सन रश्मि सलूजा ने यह जानकारी दी।

रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लि. की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) कमजोर वित्तीय सेहत की वजह से जनवरी, 2018 से रिजर्व बैंक की त्वरित सुधारात्मक योजना के तहत है, इसलिए इसके नए कारोबार पर रोक है।

सलूजा ने कहा कि ऋण पुनर्गठन योजना के तहत कंपनी ने 31 मार्च, 2021 को ऋण्दाताओं को 400 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

सलूजा ने पीटीआई-भाषा से साक्षात्कार में कहा, ‘‘समूची ऋण पुनर्गठन योजना दो माह में पूरी हो जाएगी। इस बार रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लि. खुद ही ऋण समाधान (डीआर) योजना की पेशकश कर रही है। ऐसे में हमें रिजर्व बैंक की कारोबार के लिए ‘उपयुक्त’ इकाई की अनुमति नहीं लेनी होगी, क्योंकि आरईएल रिजर्व बैंक के पास पंजीकृत इकाई है।’’

रिजर्व बैंक ने मार्च, 2020 में इससे पूर्व में पेश डीआर योजना को खारिज कर दिया था। नियामक ने आरएफएल के लिए चटर्जी समूह की इकाई टीसीजी एडवाइजरी प्राइवेट लि.को ‘उपयुक्त’ नहीं पाया था।

सलूजा ने कहा कि एक ऋण पुनर्गठन पूरा होने के बाद हमारी अगली प्रक्रिया नियामक से संपर्क कर कंपनी को त्वरित कार्रवाई योजना से हटाने की होगी।

उन्होंने कहा कि 2018 से कंपनी ने करीब 7,500 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

भाषा अजय

अजय मनोहर

मनोहर