एचपीसीएल की विशाखापत्तनम रिफाइनरी में अवशिष्ट उन्नयन इकाई चालू

एचपीसीएल की विशाखापत्तनम रिफाइनरी में अवशिष्ट उन्नयन इकाई चालू

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  • Publish Date - January 5, 2026 / 03:39 PM IST,
    Updated On - January 5, 2026 / 03:39 PM IST

नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) ने सोमवार को कहा कि उसने अपनी विशाखापत्तनम रिफाइनरी में अवशिष्ट उन्नयन इकाई (आरयूएफ) को चालू कर दिया है।

एचपीसीएल ने एक बयान में कहा कि इस इकाई के चालू होने से रिफाइनरी की गहन रूपांतरण क्षमता, लाभप्रदता और डीजल, विमान ईंधन और केरोसिन जैसे उपयोगी ईंधनों के कुल उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

बयान के मुताबिक, 35.5 लाख टन प्रति वर्ष क्षमता वाली इस संयंत्र में देश की पहली अवशिष्ट हाइड्रोक्रैकिंग इकाई और दुनिया की पहली एलसी-मैक्स इकाई शामिल है। यह अत्याधुनिक इकाई कम मूल्य वाले भारी तेल के लगभग 93 प्रतिशत हिस्से को उच्च मूल्य वाले पेट्रोलियम उत्पादों में बदलने में सक्षम है।

कंपनी ने कहा कि यह परियोजना भारत की रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ाने और आयातित ईंधन पर निर्भरता घटाने की दिशा में एक अहम कदम है।

एचपीसीएल के मुताबिक, इस इकाई के चालू होने के बाद विशाखापत्तनम रिफाइनरी में उपयोगी ईंधन उत्पादन में करीब 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकेगी। इसके अलावा सकल रिफाइनिंग मार्जिन (जीआरएम) में भी उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।

इस बीच, इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड (ईआईएल) ने एक बयान में कहा कि विशाखापत्तनम रिफाइनरी में आरयूएफ का चालू होना भारतीय रिफाइनिंग क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और यह वैश्विक स्तर पर तकनीकी जटिलता का नया मानक स्थापित करता है।

ईआईएल ने इस परियोजना के लिए परियोजना प्रबंधन परामर्श (पीएमसी) सेवाएं दीं, जबकि लार्सन एंड टुब्रो ने इसे ईपीसी ठेकेदार के रूप में क्रियान्वित किया।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण