स्थिर मांग, विस्तार के दम पर चौथी तिमाही में खुदरा क्षेत्र की आय में जोरदार बढ़ोतरी

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स्थिर मांग, विस्तार के दम पर चौथी तिमाही में खुदरा क्षेत्र की आय में जोरदार बढ़ोतरी

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  • Publish Date - April 7, 2026 / 06:08 PM IST,
    Updated On - April 7, 2026 / 06:08 PM IST

नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) घरेलू मांग में मजबूती और बेहतर व्यापक आर्थिक स्थितियों के सहारे देश की प्रमुख खुदरा कंपनियों ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में अपनी आय में दोहरे अंक की जोरदार वृद्धि दर्ज की है।

शेयर बाजार में सूचीबद्ध ट्रेंट, एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डी-मार्ट) और वी-मार्ट जैसी कंपनियों ने अपने हालिया तिमाही विवरण में लगभग 20 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की है।

इस बढ़ोतरी में नए स्टोर खोलने की आक्रामक रणनीति और स्थिर खपत के रुझान का बड़ा हाथ रहा।

टाटा समूह की कंपनी ट्रेंट ने मार्च (2025-26) तिमाही में अपनी एकल आय 20 प्रतिशत बढ़कर 4,937 करोड़ रुपये रहने की जानकारी दी है, जो एक साल पहले मार्च तिमाही में 4,106 करोड़ रुपये थी।

‘वेस्टसाइड’ और ‘जूडियो’ जैसे ब्रांड का संचालन करने वाली कंपनी ने बताया कि मार्च, 2026 को समाप्त तिमाही और पूरे वर्ष के दौरान उत्पादों की बिक्री से आय में क्रमशः 21 प्रतिशत और 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

ट्रेंट ने इस दौरान 22 वेस्टसाइड और 109 जूडियो स्टोर खोले हैं।

इलारा कैपिटल के कार्यकारी उपाध्यक्ष करण तौरानी के अनुसार, ट्रेंट की आय में हुई यह वृद्धि मुख्य रूप से स्टोर नेटवर्क विस्तार के कारण है, न कि केवल पुराने स्टोर की बिक्री (एलएफएल) बढ़ने से।

दमानी परिवार द्वारा प्रवर्तित एवेन्यू सुपरमार्ट्स (डी-मार्ट) की एकल आय मार्च तिमाही में 19 प्रतिशत बढ़कर 17,204.50 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 14,462.39 करोड़ रुपये थी। 31 मार्च, 2026 तक कंपनी के कुल स्टोर की संख्या 500 पहुंच गई है।

वैल्यू फैशन रिटेलर वी-मार्ट ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में उसकी कुल आय 24 प्रतिशत बढ़कर 971 करोड़ रुपये रही, जो इससे पिछले साल 780 करोड़ रुपये थी। 31 मार्च तक वी-मार्ट के कुल 577 स्टोर संचालित थे।

इसी तरह, रोजमर्रा के उपभोग की वस्तुएं बनाने वाली प्रमुख (एफएमसीजी) कंपनियों जैसे मैरिको, डाबर और अदाणी विल्मर (अब एडब्ल्यूएल एग्री बिजनेस) ने भी वित्त वर्ष 2025-26 की मार्च तिमाही में मजबूत वृद्धि दर्ज की है।

पश्चिम एशिया में गहराते तनाव की चिंताओं के बावजूद इन कंपनियों ने बिक्री की मात्रा और कीमत दोनों स्तरों पर सकारात्मक प्रदर्शन किया है।

घरेलू खपत और अंतरराष्ट्रीय बाजारों (संघर्ष वाले क्षेत्रों को छोड़कर) से मिली मजबूती ने इस वृद्धि में योगदान दिया है।

भाषा सुमित अजय

अजय