सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश में बिजली पारेषण व्यवस्था मजबूत करने के लिये संशोधित लाागत को मंजूरी

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सिक्किम, अरूणाचल प्रदेश में बिजली पारेषण व्यवस्था मजबूत करने के लिये संशोधित लाागत को मंजूरी

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  • Publish Date - March 16, 2021 / 03:01 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:23 PM IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को अरूणाचल प्रदेश और सिक्किम में बिजली पारेषण और वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये 9,129.32 करोड़ रुपये की संशोधित लागत अनुमान को मंजूरी दे दी।

सार्वजनिक क्षेत्र की पावर ग्रिड कॉरपोरेशन सिक्किम और अरूणाचल प्रदेश के साथ मिलकर योजना का क्रियान्वयन कर रही है।

आधिकारिक बयान के अनुसार स्वीकृत कार्यों के लिए दिसंबर 2021 तक तथा गैर-स्वीकृत कार्यों के लिए संशोधित लागत अनुमान की मंजूरी से 36 महीने में चरणबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बयान में कहा गया है, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम राज्यों के आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़े कदम के तहत, अंतर-राज्य पारेषण और वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए 9129.32 करोड़ रुपये की संशोधित लागत अनुमान (आरसीई) को मंजूरी दे दी।’’

परियोजना पूरी होने के बाद नव-निर्मित पारेषण और वितरण प्रणाली का स्वामित्व और रखरखाव संबंधित राज्य के उपक्रमों द्वारा किया जाएगा।

बयान के अनुसार योजना का मकसद अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के समग्र आर्थिक विकास के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में ग्रिड कनेक्टिविटी प्रदान करके अंतर-राज्य पारेषण और वितरण व्यवस्था को मजबूत करना है।

इस योजना के कार्यान्वयन से एक विश्वसनीय पावर ग्रिड का निर्माण होगा और नए भार केंद्रों (लोड सेंटर) के साथ बिजली व्यवस्था में सुधार होगा। इससे अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के दूरदराज और सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों और कस्बों के लाभार्थियों समेत उपभोक्ताओं की सभी श्रेणियों को ग्रिड से जुड़ी बिजली का लाभ मिलेगा।

इस योजना को दिसंबर, 2014 में विद्युत मंत्रालय की केंद्रीय योजना के रूप में मंजूरी दी गयी थी। योजना की पूरी लागत का वहन बिजली मंत्रालय के माध्यम से भारत सरकार कर रही है।

भाषा

रमण मनोहर

मनोहर