आरपी-संजीव गोयनका समूह की कंपनी 4,859 करोड़ रुपये में छह सौर परियोजनाओं का करेगी अधिग्रहण

आरपी-संजीव गोयनका समूह की कंपनी 4,859 करोड़ रुपये में छह सौर परियोजनाओं का करेगी अधिग्रहण

आरपी-संजीव गोयनका समूह की कंपनी 4,859 करोड़ रुपये में छह सौर परियोजनाओं का करेगी अधिग्रहण
Modified Date: August 10, 2026 / 05:03 pm IST
Published Date: August 10, 2026 5:03 pm IST

नयी दिल्ली, 10 अगस्त (भाषा) आरपी-संजीव गोयनका समूह (आरपीएसजी) की प्रमुख बिजली कंपनी सीईएससी लि. की इकाई पूर्वा ग्रीन पावर प्राइवेट लि., रिन्यू सोलर से छह सौर ऊर्जा परियोजनाओं का अधिग्रहण करेगी। कुल 1.4 गीगावाट (जीडब्ल्यूपी) क्षमता की इन परियोजनाओं को 4,859 करोड़ रुपये में खरीदा जाएगा।

कंपनी के बयान के अनुसार, राजस्थान और कर्नाटक में स्थित ये सौर ऊर्जा परियोजनाएं छह विशेष उद्देश्यीय कंपनियों (एसपीवी) के माध्यम से संचालित हो रही हैं। इन्हें सीईएससी की अनुषंगी पूर्वा ग्रीन पावर 4,859 करोड़ रुपये (50.9 करोड़ डॉलर) के उद्यम मूल्य पर खरीदेगी।

कंपनी ने बताया कि इस अधिग्रहण के लिए वित्त पोषण मूल कंपनी की ओर से किया गया है।

यह सौदा भारत के सौर ऊर्जा क्षेत्र में परिचालन वाली परिसंपत्तियों के सबसे बड़े अधिग्रहण में से एक है।

बयान के अनुसार, 1.4 गीगावाट क्षमता में से 90 प्रतिशत से अधिक बिजली उत्पादन क्षमता का अनुबंध भारतीय सौर ऊर्जा निगम (सेकी) के साथ दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौतों (पीपीए) के तहत है। शेष क्षमता का अनुबंध कर्नाटक की बिजली वितरण कंपनियों के साथ किया गया है।

सभी बिजली खरीद समझौते 25 वर्ष की अवधि के लिए हैं।

आरपीएसजी के वाइस चेयरमैन शाश्वत गोयनका ने कहा, ‘‘यह अधिग्रहण हमारी नवीकरणीय ऊर्जा यात्रा को तेज करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे हमें तत्काल परिचालन स्तर पर विस्तार मिलेगा, हमारी अनुबंधित क्षमता की मजबूत पाइपलाइन को समर्थन मिलेगा और इस मंच की वृद्धि को गति मिलेगी।’’

फिलहाल पूर्वा की क्षमता करीब 3.4 गीगावाट है। इस सौदे के बाद कंपनी की कुल क्षमता बढ़कर 4.8 गीगावाट हो जाएगी। इसमें से 1.8 गीगावाट क्षमता चालू हो चुकी है, जबकि तीन गीगावाट क्षमता निर्माण के विभिन्न चरणों में है।

इसके अलावा, कंपनी 2.2 गीगावाट घंटा (जीडब्ल्यूएच) बैटरी भंडारण क्षमता भी विकसित कर रही है।

बयान के अनुसार, यह अधिग्रहण समूह के अगले कुछ वर्षों में 10 गीगावाट क्षमता वाला नवीकरणीय ऊर्जा मंच बनाने के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी मददगार होगा।

भाषा रमण अजय

अजय


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