नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) कच्चे तेल की की ऊंची कीमतों और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी के बीच रुपया मंगलवार को तीन पैसे की गिरावट के साथ 95.40 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से भी घरेलू मुद्रा पर दबाव पड़ा, लेकिन हाल ही में विदेशी कोषों के प्रवाह ने रुपये को कुछ हद तक समर्थन दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.35 प्रति डॉलर पर खुला। यह 95.25 से 95.42 के दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में यह 95.40 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से तीन पैसे की गिरावट है।
रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.37 पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से वैश्विक जोखिम संबंधी धारणाओं में सुधार के चलते रुपये में मामूली सकारात्मक रुझान की उम्मीद है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल रुपये पर उच्च स्तर का दबाव डाल सकते हैं।’’
चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.95 से 95.60 के दायरे में रह सकता है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 100.02 प्रतिशत चढ़कर 0.13 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 2.72 प्रतिशत की बढ़त के साथ 86.05 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार में सेंसेक्स 210.08 अंक गिरकर 78,428.95 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 159.40 अंक टूटकर 24,614.90 अंक पर रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को शुद्ध रूप से 922.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।
भाषा यासिर अजय
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