मुंबई, आठ जनवरी (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया बृहस्पतिवार को तीन पैसे टूटकर 89.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी पूंजी की निकासी और डॉलर के मजबूत रुख से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिका के अधिक शुल्क लगाए जाने की आशंका और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोर रुख ने स्थानीय मुद्रा पर और दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 89.96 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान 89.73 से 90.13 प्रति डॉलर के बीच इसने कारोबार किया। अंत में यह 89.90 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से तीन पैसे की गिरावट है।
रुपया बुधवार को 31 पैसे चढ़कर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 89.87 पर बंद हुआ था।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘ अगर अमेरिका शुल्क में 0.1 प्रतिशत की भी बढ़ोतरी करता है तो भारत को अपने निर्यात में बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि भावनात्मक रूप से स्थिति ‘समझौते के करीब’ होने से ‘फिर से शुरुआत’ करने जैसी हो जाएगी। वहीं बाजार में केंद्रीय बैंक की ‘शॉर्ट सेलिंग’ (बिक्री) से डॉलर की खरीदारी का माहौल बना रहेगा।’’
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को रुपये के 89.80 से 90.30 के बीच रहने का अनुमान है।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.70 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर सेंसेक्स 780.18 अंक टूटकर 84,180.9 अंक जबकि निफ्टी 263.90 अंक फिसलकर 25,876.85 अंक पर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.85 प्रतिशत की बढ़त के साथ 60.47 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने बृहस्पतिवार को शुद्ध रूप से 3,367.12 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश रमण
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