मुंबई, 16 जनवरी (भाषा) रुपये में शुक्रवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई और यह 50 पैसे टूटकर 90.84 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी पूंजी की निरंतर निकसी से घरेलू मुद्रा पर दबाव बढ़ा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि अस्थिर वैश्विक रुख और अमेरिकी मुद्रा में मजबूती ने विदेशी संस्थागत निवेशकों की पूंजी निकासी को तेज कर दिया जबकि घरेलू निवेशकों ने निचले मूल्य पर शेयरों की खरीद की।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 90.37 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान 90.89 प्रति डॉलर के निचले स्तर पर पहुंच गया। अंत में यह डॉलर के मुकाबले 90.84 (अस्थायी) पर बंद हुआ जो बुधवार को बंद भाव से 50 पैसे की गिरावट है।
रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 90.34 पर बंद हुआ था।
मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के अवकाश के मद्देनजर बृहस्पतिवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद थे।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी और डॉलर के मजबूत होने से रुपया लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में टूटा।
चौधरी ने कहा, ‘‘ व्यापार समझौते को लेकर बातचीत और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर अनिश्चितता के बीच रुपये में गिरावट का अनुमान है। मजबूत डॉलर, पूंजी बाजारों से विदेशी निवेशकों की निकासी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रुपये पर दबाव डाल सकती हैं।’’
उन्होंने अनुमान लगाया कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 90.50 से 91.25 के दायरे में रह सकता है।
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.26 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजार के मोर्चे पर सेंसेक्स 187.64 अंक चढ़कर 83,570.35 अंक पर जबकि निफ्टी 28.75 अंक की बढ़त के साथ 25,694.35 अंक पर पहुंच गया।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.14 प्रतिशत चढ़कर 64.49 डॉलर प्रति बैरल रहा।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बुधवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 4,781.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा निहारिका रमण
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