सर्वोच्च नेता की पद की दौड़ में खामेनेई के पुत्र मुज्तबा

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सर्वोच्च नेता की पद की दौड़ में खामेनेई के पुत्र मुज्तबा

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  • Publish Date - March 4, 2026 / 06:51 PM IST,
    Updated On - March 4, 2026 / 06:51 PM IST

दुबई, चार मार्च (एपी) ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे मुज्तबा खामेनेई को देश के अगले शीर्ष नेता के पद का दावेदार माना जा रहा है। पिछले सप्ताह युद्ध की शुरुआत में इजराइली हमले में खामेनेई की मौत से पहले भी मुज्तबा को उनके उत्तराधिकारी के रूप में देख जाता था।

इस्लामिक गणराज्य ईरान की एक रहस्यमयी शख्सियत मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक तौर पर बहुत ही कम नजर आते हैं और उन्हें शनिवार के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है। बीते शनिवार को ही ईरान के सर्वोच्च नेता के कार्यालयों को निशाना बनाकर किए गए इजराइली हवाई हमले में उनके 86 वर्षीय पिता अली खामेनेई मौत हो गई थी। खामेनेई की पत्नी ज़हरा हद्दा आदिल भी मारी गईं।

माना जाता है कि मुज्तबा खामेनेई अभी भी जीवित हैं और संभवत: किसी सुरक्षित स्थान पर हैं क्योंकि अमेरिकी और इजराइली हवाई हमले ईरान पर जारी हैं, हालांकि सरकारी ईरानी मीडिया ने उनके ठिकाने के बारे में खबर नहीं दी है।

मुज्तबा खामेनेई का नाम उनके पिता की जगह लेने वाले संभावित उम्मीदवार के रूप में लगातार चर्चा में है, हालांकि अतीत में वंशवाद से जोड़कर इस पहलू की आलोचना की गई थी।

हालांकि अब जब उनके पिता और पत्नी की मौत हो गई है, तो 88 सीटों वाली विशेषज्ञ सभा के उम्रदराज़ मौलवियों द्वारा खामेनेई का समर्थन करने की संभावना है। यह सभा ही देश के अगले सर्वोच्च नेता का चयन करेगी।

अब ईरान का सर्वोच्च नेता जो भी बनेगा, उसे युद्धरत ईरानी सेना और अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार पर नियंत्रण हासिल हो जाएगा, जिसका उपयोग परमाणु हथियार बनाने के लिए किया जा सकता है।

अमेरिका स्थित समूह, ‘यूनाइटेड अगेंस्ट न्यूक्लियर ईरान’ के अनुसार, मुत्जबा खामेनेई की वही भूमिका रही है जो ईरान के पहले सर्वोच्च नेता रूहुल्लाह खुमैनी के बेटे अहमद खुमैनी थी। मसलन, वह भी ईरान की सत्ता के गलियारे में विश्वासपात्र और रसूखदार व्यक्ति रहे हैं।

वर्ष 1969 में मशहद शहर में जन्मे खामेनेई शाह के शासन को उखाड़ फेंकने वाली इस्लामी क्रांति के समय करीब 10 साल के थे।

ईरान में शाह के शासन पतन के बाद खामेनेई का परिवार ईरान की राजधानी तेहरान चला गया। खामेनेई ईरान-इराक युद्ध में हबीब इब्न मजाहिर बटालियन में शामिल हुए। इसके बाद वह कई प्रमुख पदों पर रहे।

उनके पिता 1989 में सर्वोच्च नेता बन गए और जल्द ही मुज्तबा खामेनेई और उनके परिवार की अरबों डॉलर और ईरान के कई जगहों में फैली व्यावसायिक संपत्तियों, या राज्य उद्योगों और कभी शाह के स्वामित्व वाली अन्य संपत्ति से वित्त पोषित फाउंडेशन तक पहुंच हो गई।

तेहरान शहर में अपने पिता के कार्यालयों में काम करते हुए मुज्तबा की ताकत भी बढ़ती चली गई। बाद में उन्हें पिता के पीछे की असली ताकत कहा जाने लगा।

एपी हक पवनेश

पवनेश