मुंबई, 27 अप्रैल (भाषा) अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया सोमवार को एक पैसे की मामूली बढ़त के साथ 94.15 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। वैश्विक अनिश्चितता, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच निवेशकों की धारणा प्रभावित होने के बावजूद रुपया में तेजी देखी गई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि रुपया ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी शुरुआती गिरावट की भरपाई की, लेकिन कुल मिलाकर रुझान नकारात्मक बना हुआ है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने घरेलू मुद्रा की बढ़त को सीमित कर दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.25 पर खुला। कारोबार के दौरान इसने डॉलर के मुकाबले 94.11 का ऊपरी स्तर और 94.28 का निचला स्तर छुआ।
कारोबार के अंत में रुपया 94.15 प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव के मुकाबले एक पैसे की मामूली बढ़त दर्शाता है। रुपया शुक्रवार को 15 पैसे टूटकर 94.16 प्रति डॉलर के भाव पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ”क्षेत्रीय मुद्राओं में तेजी के बीच रुपये ने भी पांच सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ दिया। हालांकि, बाजार में अभी भी आशंका का माहौल है। बाजार 94.30 के स्तर के आसपास भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप और कच्चे तेल की उच्च कीमतों के लिए खुद को तैयार कर रहा है।”
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.21 प्रतिशत गिरकर 98.32 पर आ गया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 2.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 107.82 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
बीएसई सेंसेक्स 639.42 अंक चढ़कर 77,303.63 अंक अंक पर बंद हुआ जबकि एनएसई निफ्टी 194.75 अंक की तेजी के साथ 24,092.70 अंक पर रहा।।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे। उन्होंने सोमवार को 1,151.48 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
भाषा राजेश राजेश प्रेम
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